भारत में जैसे पाक वैसे अमेरिका में चीन!

भारत में पाकिस्तान का नाम लेकर किसी भी बात को न्यायसंगत ठहराया जा सकता है। उसी तरह इन दिनों लग रहा है कि अमेरिका में चीन का नाम लेकर सब कुछ न्यायसंगत ठहराने का समय चल रहा है। पिछले दिनों अमेरिकी कांग्रेस की एंटी ट्रस्ट कमेटी ने दुनिया की चार सबसे बड़ी, सबसे ताकतवर और सबसे धनी कंपनियों को नोटिस देकर अपने सामने बुलाया था। इन चार कंपनियों के पहले अक्षर के आधार पर इनको गाफा कहा जाता है। जी से गूगल, ए अमेजन, एफ से फेसबुक और ए से एपल।

इन चारों कंपनियों पर आरोप है कि ये अपनी ताकत का इस्तेमाल करके प्रतिस्पर्धा को खत्म कर रही हैं। अमेरिकी कांग्रेस ने बहुत साफ शब्दों में इन चारों पर ये आरोप लगाए। प्रतिस्पर्धी कंपनियों के अधिग्रहण का मुद्दा उठाया और छोटी कंपनियों पर जोर आजमाइश की कई मिसालें दें। हैरानी की बात है सुंदर पिचाई से लेकर जेफ बेजोस, टीम कुक और मार्क जकरबर्ग ने अपने कदमों को सही ठहराने के लिए चीन का हवाला दिया। इन्होंने कहा कि चीन तकनीक में ऐसी तैयारी कर रहा है, इकोनॉमी में वैसी तैयारी कर रहा है, हर अमेरिकी एप का विकल्प तैयार कर रहा है और इसलिए जरूरी है कि अमेरिकी कंपनियां इस तरह के काम करें। सोचें, दुनिया की महाबली कंपनियां चीन का डर दिखा कर मनमानी कर रही हैं।

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