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एक सीएम और अज्ञानता प्रदर्शन!

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिस दिन से शपथ ली है उस दिन से वे लगातार किसी न किसी मसले पर बयान दे रहे हैं और विवादों में फंस रहे हैं। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान राम से की और कहा कि आने वाले दिनों में लोग मोदी को भी भगवान राम की तरह पूजने लगेंगे। फिर उन्होंने लड़कियों के फटी जींस पहनने के ऊपर टिप्पणी की और विवाद बढ़ा तो माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने राशन के बहाने दो के मुकाबले 20 बच्चे पैदा करने के फायदे समझाए।

उनकी कही इन तीनों बातों का मतलब समझ में आता हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी की तारीफ में कुछ ऐसा कहना था, जो किसी ने नहीं कहा हो। इसलिए उनकी तुलना भगवान राम से की। फटी जींस का विरोध सांस्कृतिक नैतिकता के संघ-भाजपा एजेंडे का हिस्सा है और 20 बच्चों की बात भी राजनीतिक एजेंडे का ही हिस्सा है। इसलिए इन तीनों बातों की आलोचना भले हुई है पर यह स्वाभाविक है। इसमें कोई तथ्यात्मक गलती नहीं है। यह विचारधारा जुड़ा मामला है। लेकिन भारत दो सौ साल तक अमेरिका का गुलाम था यह अज्ञानता का प्रदर्शन है। इसे जुबान फिसलना नहीं कह सकते क्योंकि उन्होंने बहुत विस्तार से इस बारे में बोला है।

उन्होंने जो कहा उससे जाहिर होता है कि वे अमेरिका-ब्रिटेन की फर्क नहीं जानते हैं या इन देशों के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। इन देशों के बारे में कुछ नहीं जानना भी कोई अपराध नहीं है लेकिन उस अज्ञान का प्रदर्शन उचित नहीं है। पहले यह पढ़िए कि उन्होंने क्या कहा। उन्होंने कोरोना की बात करते हुए कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलख जगाई। मैं कह सकता हूं कि अगर उनकी जगह कोई और नेतृत्व होता तो भारत का न जाने क्या हाल होता। हम बेहाल हो जाते। उन्होंने हमें राहत देने का काम किया। 130-35 करोड़ की आबादी का देश भारत आज राहत महसूस करता है। अन्य देशों की अपेक्षा। जहां अमेरिका के हम दो सौ साल गुलाम थे। पूरे विश्व पर उसका राज था। सूरज छुपता नहीं था, यह कहा जाता था। आज के समय वह डोल गया, बोल गया। पौने तीन लाख से ज्यादा मृत्यु दर चला गया। 12 करोड़ की आबादी का देश, स्वास्थ्य में नंबर एक, हालत खस्ता है। फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है।

अब सोचें क्या यह जुबान फिसलना है? पहले तो उन्होंने कहा कि हम अमेरिका के दो सौ साल गुलाम रहे। फिर उन्होंने अमेरिका की आबादी 12 करोड़ बताई। उसके बाद कहा कि पौने तीन लाख मृत्यु दर हो गई। पौने तीन लाख मृत्यु दर का क्या मतलब होता है? उन्हें ही पता ही नहीं है कि मरने वालों की संख्या और मृत्यु दर अलग चीजें होती हैं। वैसे भी अमेरिका में पांच लाख 55 हजार लोग मर चुके हैं। अगर उनकी जुबान फिसली होती और ब्रिटेन की जगह अमेरिका कह गए होते तो ब्रिटेन की आबादी सही बताते या अमेरिका की ही आबादी सही बताते। ब्रिटेन की आबादी छह करोड़ और अमेरिका की 33 करोड़ है। वे 12 करोड़ आबादी किस देश की बता रहे थे? जाहिर है उनको पता ही नहीं था कि वे क्या कह रहे थे। ऐसी स्थिति हो तो चुप रहना बेहतर विकल्प होता है!

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