शशिकला कितना प्रभावित कर पाएंगी चुनाव?

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं दिवंगत जयललिता की सहेली वीके शशिकला जेल की सजा काट कर रिहा होने वाली हैं। माना जा रहा है कि 27 जनवरी को वे जेल से बाहर आ सकती हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिक भाजपा के सद्भाव की वजह से उनकी अभी रिहाई हो रही है। पर सवाल है कि क्या वे तमिलनाडु के चुनाव को प्रभावित कर पाएंगी? उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण ने अपनी पार्टी बनाई है। जयललिता के नाम पर अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम यानी एएमएमके बनाई है। जब यह पार्टी बनी थी तब अन्ना डीएमके के 18 विधायक जुड़े थे। पर बाद में यह पार्टी कमजोर होती गई और पनीरसेल्वम व पलानीस्वामी के साथ आ जाने से अन्ना डीएमके मजबूत हुई।

तमिल राजनीति में भाजपा अन्ना डीएमके के साथ है पर उसने विधानसभा चुनाव से पहले तेवर दिखाए हैं। उसने कहा है कि भाजपा को जितनी सीटें दी जाएं उतना लेकर संतोष करे। उसने यह भी कहा है कि अगर अन्ना डीएमके की सरकार बनती है तो भाजपा उसमें नहीं शामिल होने की शर्त पहले कबूल करे। तभी कहा जा रहा है कि अन्ना डीएमके को शह-मात देने के लिए शशिकला का इस्तेमाल हो सकता है। आखिर वे जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी हैं और उनके साथ जेल में रहीं। अब भी वे कई साल जेल काट कर निकल रही हैं। इससे जयललिता के समर्थकों की सहानुभूति उनके साथ हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शशिकला का कैसे इस्तेमाल होता है। शशिकला की जरूरत इसलिए भी पड़ी है क्योंकि भाजपा का रजनीकांत का दांव फेल हो गया है। उन्होंने पार्टी बना कर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

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