Tokyo Olympics 2021 PM modi : शेरनियों के आंखें तो तब भी नम हुई थी मोदी जी..
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शेरनियों के आंखें तो तब भी नम हुई थी मोदी जी, तब तो ‘पटनायक’ के सिवा किसी ने नहीं समझा था ‘लायक’…

Tokyo Olympics 2021 PM modi :

नई दिल्ली । Tokyo Olympics 2021 PM modi : देश के सभी प्रमुख मीडिया चैनल और अखबारों में पीएम मोदी अचानक से चर्चा में आ गए. पीएम मोदी के चर्चा में आने का कारण महिला हॉकी टीम से उनकी फोन पर हुई बात थी. मीडिया में चली खबरों के अनुसार पीएम मोदी से बातचीत के दौरान भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों की आंखें भर आई थी. इसके बाद पीएम मोदी ने उन्हें था सांत्वना दी और चिंता न करने की बात कही. लेकिन भारतीय महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाले सबसे बड़े नायक नवीन पटनायक कि कहीं भी चर्चा नहीं हुई. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का एक फोन इतना महत्व रखता है. क्योंकि मोदी जी, आंखें तो हॉकी खिलाड़ियों की उस समय भी नम हुई होंगी जब उन्हें कोई प्रायोजक नहीं मिल रहा था. उस समय तो पीएम मोदी और केंद्र सरकार को देश की इन बेटियों का ख्याल नहीं आया.

Tokyo Olympics 2021 PM modi :

ऐसे ही नंबर वन सीएम नहीं है नवीन पटनायक

Tokyo Olympics 2021 PM modi : बता दें कि देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों में नवीन पटनायक नंबर वन पर हैं. कई सर्वे में इस बात को स्वीकार किया जा चुका है कि नवीन पटनायक से उनके राज्य की जनता सबसे ज्यादा खुश है. नवीन पटनायक उस समय भारतीय महिला हॉकी टीम की मदद के लिए आए जब लगभग सभी राजनेताओं ने अपने हाथ पीछे खींच लिए. कोई भी प्राइवेट कंपनियां भारतीय महिला हॉकी टीम को प्रायोजित करने के लिए तैयार नहीं थी. निजी कंपनियों ने साफ तौर पर कहा था कि कोरोना के कारण उनकी हालत खस्ता है ऐसे में वे रिस्क नहीं ले सकते. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उस समय महिला हॉकी टीम केंद्र सरकार से भी मदद की गुहार लगाई थी.

एक दिन सम्मान और जिंदगी भर..

Tokyo Olympics 2021 PM modi : हमारे देश में यह पहला मौका नहीं है जब महिला हॉकी टीम ने कोई कारनामा करके दिखाया हो. बात सिर्फ हॉकी खिलाड़ियों की नहीं बल्कि ओलंपिक में खेलने वाले कई ऐसे खिलाड़ियों की है जो आज बदहाल जिंदगी जीने के लिए मजबूर हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आती रहती है कि ओलंपिक में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी आज दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हैं. ऐसे में क्या देश और सरकार की है जिम्मेवारी नहीं बनती की हमें गर्वित करने वाले इन खिलाड़ियों को उचित सम्मान दिया जा सके.

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फिल्म में भी दिखाई है थी सच्चाई

भारतीय महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद एक बार फिर से शाहरुख खान और चक दे इंडिया चर्चा में आ गए थे. शाहरुख खान ने भी ट्वीट कर भारतीय महिला हॉकी टीम को जीत पर बधाई दी. लेकिन फिल्में दिखाई गई यह बात पूरी तरह से सच साबित हुई थी जीतने के बाद पूरा देश महिलाओं के साथ खड़ा था लेकिन तैयारियों के नाम पर सभी अपने पैर पीछे खींच रहे थे. फिल्म में भी यह दिखाया गया था कि किस तरह महिला हॉकी टीम को अपने पर आयोजकों के लिए संघर्ष करना पड़ता है.

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