UP Assembly Election 2022 सवर्ण सम्मेलन नहीं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन
राजनीति| नया इंडिया| UP Assembly Election 2022 सवर्ण सम्मेलन नहीं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन

सवर्ण सम्मेलन नहीं, प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन!

bjp

UP Assembly Election 2022 उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों के जातीय सम्मेलन शुरू हो गए हैं। बहुजन समाज पार्टी ने बिना किसी लाग-लपेट के ब्राह्मण सम्मेलन कराया है। पार्टी के महासचिव और ब्राह्मण चेहरा सतीश चंद्र मिश्र इस सम्मेलन का आयोजन और सदारत कर रहे हैं। लेकिन समाजवादी पार्टी और उसकी देखा-देखी भाजपा ने भी ब्राह्मण या सवर्ण जातियों के सम्मेलन को जाति का नाम नहीं देख कर प्रबुद्ध वर्ग नाम दिया है। सपा का ‘प्रबुद्ध वर्ग’ का सम्मेलन चल रहा है और भारतीय जनता पार्टी का ‘प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन’ छह सितंबर से शुरू होगा और 20 सितंबर तक चलेगा। पार्टी राज्य की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में यह सम्मेलन कराएगी।

Read also ममता के लिए उपचुनाव की घोषणा!

सोचें, देश की मुख्यधारा की पार्टियों ने कैसी धारणा बना रखी है? बाकी जातियों के सम्मेलन होते हैं तो उन्हें जाति का नाम दिया जाता है और अगड़ी जातियों को पटाने के लिए जो सम्मेलन हो रहा है उसे ‘प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन’ का नाम दिया गया है! क्या पिछड़ी जातियों में या अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जातियों में प्रबुद्ध लोग नहीं होते हैं? क्या यह देश की बहुसंख्यक आबादी का अपमान नहीं है? ब्राह्मणवाद किसी जातिवाद का नाम नहीं है, बल्कि भाजपा अभी जो कर रही है वहीं ब्राह्मणवादी मानसिकता है, जिसमें बुद्धि, विवेक और ज्ञान पर उच्च जातियों का अधिकार माना जाता है। पार्टियों को तत्काल इस तरह की मानसिकता के साथ सोचना बंद करना चाहिए और जातियों का सम्मेलन करना जरूरी हो तो जाति के नाम से करना चाहिए। प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन सभी जातियों, धर्मों और वर्गों के लिए होना चाहिए। 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow