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बेगानी शादी में कांग्रेस का दीवानापन

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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मंत्री और विधायक पार्टी छोड़ कर समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं। इस घटनाक्रम से जितना खुश सपा के नेता हैं उससे ज्यादा खुश कांग्रेस के नेता नजर आ रहे हैं। भाजपा विधायकों के टूटने का जश्न कांग्रेस खेमे में मनाया जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस नेता इसे ईश्वरीय न्याय मान कर खुश रहे हैं कि चलो भाजपा ने कांग्रेस को तोड़ा है तो कोई भाजपा को भी तोड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ताओं ने न्यूज चैनलों की बहस में इस पर खुशी जताई। पार्टी के कई नेताओं और प्रदेश कमेटियों के ट्विटर हैंडल से इसे लेकर ट्विट किया गया। up assembly election congress

उत्तर प्रदेश में भाजपा विधायकों के पार्टी छोड़ने को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ट्विटर हैंडल ‘एट द रेट एमपी कांग्रेस’ से एक दर्जन ट्विट किए गए हैं। एक ट्विट में कहा गया है, ‘यूपी का ताजा स्कोर, 16 गए कई कतार में’, एक दूसरी ट्विट में कहा गया है, ‘उत्तर प्रदेश में करारी हार की भगदड़ में तीन मंत्री समेत 16 विधायकों का इस्तीफा, एक अन्य ट्विट में खुशी जाहिर करते हुए लिखा गया है, ‘रैली पर प्रतिबंध था, बीजेपी से विधायकों का रेला निकल रहा है’। सोचें, कांग्रेस के अपने नेता पार्टी बदल रहे हैं। वे राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं, उस पर निराशा की बजाय कांग्रेस के नेता भाजपा विधायकों के टूटने पर जश्न मना रहे हैं।

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पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता इमरान मसूद ने पार्टी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में चले गए। कांग्रेस के चार बार विधायक रहे गजराज सिंह ने राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया और रालोद ने उनको टिकट भी दे दी। कांग्रेस को ये दोनों झटके पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगे हैं, जहां पहले चरण में मतदान होना है। ध्यान रहे सपा और रालोद में गठबंधन है और भाजपा छोड़ने वाले विधायक भी इन्हीं दोनों पार्टियों में जा रहे हैं। जैसे भाजपा छोड़ने वाले पूर्व कांग्रेसी अवतार सिंह भडाना रालोद में गए हैं। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के नेता जैसे भाजपा छोड़ कर विधायकों के रालोद और सपा में जाने पर खुश हैं वैसे ही अपनी पार्टी छोड़ कर भी इन दोनों पार्टियों में नेताओं के जाने से खुश हैं।

कांग्रेस को इस बात से भी आपत्ति नहीं है कि पार्टी छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में गए ललितेश पति त्रिपाठी के लिए सपा ने क्यों एक सीट छोडी। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं को सपा और उसकी सहयोगी पार्टियों में अपनी पार्टी के नेताओं को खुद भेज रही है और उसकी खुशी मना रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि वह भाजपा को नहीं हरा पा रही है तो कोई पार्टी तो है, जो उसे हराती दिख रही है।

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