up lakhimpur kheri violence यूपी और पंजाब की राजनीति का खेल
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यूपी और पंजाब की राजनीति का खेल

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यह कमाल हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में पंजाब की राजनीति खेली जा रही है और पंजाब से उत्तर प्रदेश की राजनीति हो रही है। कांग्रेस यह खेल रही है लेकिन उसके बरक्स भाजपा का अपना खेल चल रहा है। असल में लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच यानी तराई के इलाके में अच्छी खासी संख्या में सिख आबादी है। खीरी के तिकुनिया में मारे गए किसान भी सिख समुदाय के हैं। सो, कांग्रेस ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के साथ इसे जोड़ दिया। राहुल गांधी अपने साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर गए। वैसे उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी गए थे लेकिन उनको इसलिए ले जाया गया था क्योंकि उनको हाल ही में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया है। चन्नी और भूपेश बघेल दोनों ने मरने वाले किसानों और पत्रकार के परिजनों के लिए 50-50 लाख रुपए के अनुग्रह राशि की घोषणा की। up lakhimpur kheri violence

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इसका पंजाब में कांग्रेस को फायदा मिलेगा और पंजाब से लेकर हरियाणा व दिल्ली की सीमा तक चल रहे किसान आंदोलन का फायदा कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लेना चाहती है। इसलिए उसने किसानों से जुड़े मामले को इतना तूल दिया। लेकिन दूसरी ओर भाजपा ने इसे दूसरा ट्विस्ट दे दिया है। भाजपा नेता खुल कर यह बात नहीं कह रहे हैं लेकिन किसानों को कुचल कर मारे जाने की घटना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र और उनके बेटे आशीष को आरोपी बनाने को भाजपा ने ब्राह्मण अस्मिता से जोड़ दिया है। इस बहाने कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को ब्राह्मण विरोधी बताया जा रहा है। अंदर अंदर यह भी प्रचार चल रहा है कि सिख किसानों ने अजय मिश्र के समर्थक ब्राह्मणों की हत्या की है। भाजपा सिख वोट  गंवाने की कीमत पर ब्राह्मण ध्रुवीकरण कराने के प्रयास कर रही है।

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