uttar pradesh assembly election योगी के खिलाफ अमिताभ ठाकुर उम्मीदवार?
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योगी के खिलाफ अमिताभ ठाकुर उम्मीदवार?

up assembly election Kairana

uttar pradesh assembly election उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद के सदस्य हैं। पिछले कई बरसों से उत्तर प्रदेश में यह परंपरा हो गई है कि मुख्यमंत्री विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ते हैं। मुख्यमंत्री रहते न मायावती विधानसभा की सदस्य रहीं और न अखिलेश यादव रहे। उसी परंपरा का पालन करते हुए योगी आदित्यनाथ और उनके दोनों उप मुख्यमंत्री विधान परिषद के ही सदस्य हैं। लेकिन इस बार कहा जा रहा है कि ये तीनों विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा का चुनाव लड़ते हैं तो ज्यादा संभावना है कि वे गोरखपुर सीट से ही लड़ेंगे। आखिर वे इस सीट से पांच बार सांसद रहे हैं और वहीं गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं।

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सो, उनके मुकाबले विपक्ष का उम्मीदवार कौन होगा? क्या सभी पार्टियां- सपा, बसपा और कांग्रेस अपना अपना उम्मीदवार उतारेंगी या कोई साझा उम्मीदवार होगा? इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पहल नहीं हुई है लेकिन पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। अमिताभ ठाकुर उन दो पुलिस अधिकारियों में से हैं, जिन्हें इस साल के शुरू में योगी सरकार ने जबरदस्ती रिटायर कर दिया। ठाकुर अपने नाम के साथ ‘जबरिया रिटायर आईपीएस’ लिखते हैं।

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ध्यान रहे अमिताभ ठाकुर का करियर रिकार्ड बेहतरीन रहा है। नेताओं के साथ उनके टकराव रहे हैं लेकिन उनके साहस, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के सब कायल रहे हैं। जब मुलायम सिंह यादव ने उनको फोन पर धमकी दी थी तब उन्होंने धमकी वाला ऑडियो जारी कर दिया था और मुलायम के ऊपर केस भी किया था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री रहते अखिलेश यादव ने उनकी गोपनीय रिपोर्ट में उनको 10 में से नौ अंक दिए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी गोपनीय रिपोर्ट खराब लिखी और उनको हटा भी दिया। सो, वे उनके खिलाफ लड़ने की तैयारी में हैं। वे युवाओं व मध्य वर्ग के बीच और सोशल मीडिया में बेहद लोकप्रिय हैं। उनके प्रति लोगों की सहानुभूति भी है। सो, जीतना-हारना अपनी जगह है लेकिन अगर वे चुनाव लड़ते हैं तो उन पर फोकस बनेगा और वे ध्रुवीकरण भी करा सकते हैं।

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