सिर्फ राज खुलने का मसला नहीं था

उत्तर प्रदेश के गैंगेस्टर विकास दुबे के कथित पुलिस इनकाउंटर में मारे जाने के बाद सबसे ज्यादा इस बात की चर्चा है कि उसे इसलिए मार दिया गया ताकि उसके साथ ही राज दफन हो जाएं। इसमें संदेह नहीं है कि उसका संबंध सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से था और इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि वह सारे पुलिस अधिकारियों को भी जानता था। उनमें से कुछ के साथ उसके संबंध बहुत घनिष्ठ थे और वह उनके राज भी जानता था। अपुष्ट खबरों के आधार पर यह दावा भी किया जा रहा है कि वह कई बड़े अधिकारियों, नेताओं के पैसे के लेन-देन के बारे में जानता था और देश-विदेश में उनके निवेश की जानकारी उसे थी।

पर इसी वजह से उसको मार डालने की साजिश रची गई यह नहीं कहा जा सकता है। पुलिस मुठभेड़ में विकास दुबे का मारा जाना असल में पिछले तीन साल से एक सख्त सरकार, ठोक देने वाली सरकार चलाने की जो छवि योगी आदित्यनाथ ने बनाई है उसी को मजबूत करने के लिए ऐसा किया गया है। पुलिस अब तक सवा सौ से करीब गुंडों को कथित मुठभेड़ में मार चुकी है। अगर पुलिस वालों की हत्या करने के बावजूद विकास दुबे नहीं मारा जाता तो पिछले तीन साल से जो छवि बनाई गई है वह बिगड़ती। उसका बड़ा राजनीतिक असर होता क्योंकि ठोक देने वाली सरकार की छवि और सख्त मुख्यमंत्री का आभामंडल राजनीतिक लाभ के लिए बनाया गया है।

जहां तक राज खुलने की बात है तो वह कैसे खुलता? जिस पुलिस ने इनकाउंटर किया है वहीं पुलिस तो हिरासत में पूछताछ भी करती और अगर उस पुलिस के सामने विकास कुछ बता भी देता तो वह सच कैसे बाहर आता? दूसरे, अब तक गिरफ्तार किए गए कितने अपराधियों ने अपने आकाओं के बारे में जानकारी दी है? मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद दोनों जेल में हैं क्या पुलिस इनसे यह खबर निकलवाई पाई है कि सपा या बसपा या दूसरी किस पार्टी के साथ उनके क्या ताल्लुक हैं और उन्हें आगे बढ़ने में किसने मदद की? बिहार का कुख्यात गुंडा शहाबुद्दीन अभी जेल में है और अनंत सिंह भी जेल में है तो पुलिस इनसे क्या उगलवा पाई है? इसलिए राज खुलने वाली बात बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। असली मैसेजिंग राजनीतिक है। विकास दुबे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और जातीय सत्ता की शृंखला की एक अहम कड़ी थी। उसने योगी आदित्यनाथ की सत्ता और उनके आभामंडल दोनों को चुनौती दी थी। इसलिए उसको तो मारा जाना ही था।

11 thoughts on “सिर्फ राज खुलने का मसला नहीं था

  1. मैं आपके विश्लेषण से सहमत हूँ।यह मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा का प्रश्न था।उससे राज उगलवाने की बात बेमानी है।

    1. क्या न्यायालय में विकास राज़ फाश नही कर सकते थे ,क्या मीडिया के सामने राज़ फाश नही कर सकते थे क्या सिर्फ पुलिस पूछताछ में ही राज़ फाश होते ,मुख्यमंत्री ने अपनी फ़ज़ीहत होने से बचाने के लिए विकास की हत्या करवा दी जिसका मुकदमा होना चाहिए और न्यायलय को इसमे दखल देकर कानून का शासन स्थापित करना चाहिए

  2. योगी जी को सलाम भगवान उनकी 100 साल लम्बी उम्र करे

  3. Main sahmat nhi isse loktantra ka vinash hoga iske liye court h unse special bench bitha kr jldi nyay ki vyavshtha krne ka agray krna chahiye. Police ko murder krne ka adhikar nhi h

    1. Loktantara ka vinash nahi Vikas hota hai is prakar ke criminals Ko kisi bhi tarah mar kar ke.chahe encounter ya hang kar ke.UP me aaj tak kisi ko fanshi to hui nahi isliye encounter hi Sahi.

  4. जो जो बचे हुए अपराधी हैं उनको यह सन्देश जाना जरूरी था कि अब तुम्हारे दिन लद गये यह मोदी योगी सरकार. है। है घर मैं घुस कर मारेगी।
    रमेश शर्मा

  5. जो होता है, अच्छा हीं होता है। आगे भी अच्छा हीं होगा।
    हानि लाभ जीवन मरण सब प्रभु के हाथ।
    जय हिंद, जय भारत।।

  6. The encounter was much needed to establish the fear of law in the minds of hardened criminals who think that they can take the entire system of Government to ransom. It was,in fact, the need of the hour keeping in view the heinous crime of murdering the police officers in flagrant challenge to the Government.

  7. अभी तक पुलिस पर आरोप लगा है कि विकास का मर्डर हुआ है । आरोप तो कोई भी लगा सकता है जबकि पुलिस ने अपना स्पष्टीकरण दे दिया है कि उन्होंने आत्म रक्षा में विकास पर गोली चलाई । गाड़ी का पलटना ओर पुलिस वालो का घायल होना इस बात का प्रमाण है । यदि विकास पर गोली नहीं चलाई जाती तो हो सकता है कुछ पुलिस कर्मी ओर शहीद हो जाते । तब लोग कह देते की पुलिस ने गोली क्यों नहीं चलाई । उन पुलिस कर्मियों ओर उनके परिवारों के प्रति भी थोड़ी संवेदना दर्शानी चाहिए जो अपनी ड्यूटी करते हुए शहीद हो गए । ओर अगर ये दरिंदा जेल जाता तो जेल से अपनी गैंग चलता और गवाहों को डराता धमकाता ओर सबूतों के अभाव में छूट जाता ओर फिर किसी निर्दोष की जान ले लेता।
    यूपी पुलिस के शहीदों को नमन ओर जिन्होंने इस ऑपरेशन में अपनी जान की बाजी लगाई उन्हें सैल्यूट ।
    जय हो योगी आदित्यनाथ जी की, जय हो यूपी पुलिस की

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