• डाउनलोड ऐप
Saturday, April 10, 2021
No menu items!
spot_img

बंगाल चुनाव को लेकर सस्पेंस क्यों?

Must Read

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव पूरा होने को लेकर सस्पेंस पैदा हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने अपनी एक सभा में कहा है कि वे किसी हाल में बंगाल चुनाव को बीच में रोकने नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के बहाने चुनाव बीच में रोकने की कोशिश हो सकती है, लेकिन वे ऐसा नहीं होने देंगी। इसी क्रम में उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और कोरोना के खतरे को बीच आठ चरण में चुनाव कराने के लिए उसकी आलोचना भी की। लेकिन वह एक अलग मसला। असली सवाल यह है कि क्या सचमुच चुनाव बीच में रूक सकता है?

ध्यान रहे चार राज्यों के चुनाव पूरे हो गए। असम की 126 सीटों के लिए तीन चरण में मतदान होना था, जो मंगलवार को तीसरे चरण के मतदान के साथ पूरा हो गया। तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और केरल में एक ही चरण में मतदान होना था और वह भी पूरा हो गया। पर पश्चिम बंगाल में तीन चरण में अभी सिर्फ 91 सीटों पर ही मतदान हुआ है। यानी 203 सीटों पर वोटिंग बाकी है और अप्रैल के पूरे महीने में सिर्फ बंगाल में चुनाव होना है। अगल पांच चरण का मतदान 29 अप्रैल तक चलेगा। कहने की जरूरत नहीं है कि सत्तारूढ़ दल की सुविधा के हिसाब से चुनाव आयोग ने यह शिड्यूल बनाया है।

एक तरफ पश्चिम बंगाल में अप्रैल में मतदान होना है और दूसरी ओर देश भर में कोरोना वायरस के केसेज बढ़ रहे हैं। सो, सवाल है कि क्या कोरोना के बढ़ते केसेज को चुनाव रोकने का बहाना बनाया जा सकता है? इसका जवाब आसान नहीं है क्योंकि चुनाव आयोग के बारे में अब यह बात कोई दावे से नहीं कह सकता है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से फैसला करेगा। तभी यह कयास लगाया जा रहा है कि अगर भाजपा को पश्चिम बंगाल में जीत की संभावना नहीं दिखती है तो यह अभियान जोर पकड़ेगा कि कोरोना बढ़ रहा है इसलिए चुनाव रोक दिया जाए। ऐसी अटकल इसलिए भी है क्योंकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह चुनाव को इतने हाई पिच पर लड़ रहे हैं कि वे हारना अफोर्ड नहीं कर सकते हैं।

बहरहाल, यह अटकल इसलिए भी है क्योंकि ममता बनर्जी ने अनायास या हवा में यह बात नहीं कही कि चुनाव रोकने की कोशिश हो सकती है। असल में यह अभियान सोशल मीडिया में चला है और सोशल मीडिया को जानने वालों को पता है कि वहां कोई भी अफवाह या ट्रेंड अपने आप शुरू नहीं होता है। उसे कोई न कोई शुरू करता है और उसका कोई न कोई मकसद होता है। बंगाल में चुनाव बीच में रोके जाने की अटकल भी तब शुरू हुई, जब बाकी चार राज्यों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने लगी। हालांकि बंगाल में अभी दो हजार के करीब केस रोज आ रहे हैं और एक्टिव केसेज की संख्या 11 हजार के करीब है। तमिलनाडु में जहां मंगलवार को मतदान हुआ है वहां इससे दोगुने एक्टिव केस हैं। इससे पहले बिहार का चुनाव भी महामारी के बीच ही हुआ था। लेकिन ये सब तर्क और तथ्य की बातें हैं, जिनसे चुनाव आयोग का कोई लेना-देना नहीं है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

देवी के मंदिर दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी डीसीएम खाई में गिरी, 11 की मौत, 41 घायल

कानपुर। यूपी के इटावा में शनिवार को एक बड़ा दर्दनाक हादसा (Road accident in Etawah) हो गया। आज अचानक...

More Articles Like This