तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ रोकने की कोशिश

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस में गजब की भगदड़ मची है। एक महीने पहले ही पार्टी के एक सांसद सुनील मंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन की थी। अब दूसरी सांसद शताब्दी रॉय पार्टी छोड़ने वाली थीं। वे तीन बार की सांसद हैं और ममता की करीबी हैं। फिल्म अभिनेत्री रहीं शताब्दी रॉय को जैसे तैसे अभिषेक बनर्जी ने मनाया। इस बीच खबर है कि एक दर्जन से ज्यादा विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं और इतना ही नहीं उन्होंने किसी न किसी तरीके से भाजपा से संपर्क भी कर लिया है। तभी भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि 41 विधायकों की सूची है, जो पाला बदल सकते हैं और राज्य की सरकार गिर सकती है।

हालांकि भाजपा इस समय सरकार गिराएगी नहीं क्योंकि अब चार महीने में चुनाव होने वाले हैं।  इस समय सरकार गिराने से ममता के प्रति सहानुभूति हो सकती है। फिर भी तृणमूल कांग्रेस ने सरकार और पार्टी बचाने का प्रयास तेज कर दिया है। ममता के चुनाव प्रबंधक प्रशांत किशोर और ममता के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कमान संभाली है। पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को भी इस काम में लगाया गया है और कई नेताओं से खुद ममता भी बात कर रही हैं। तृणमूल के लिए अच्छा यह हुआ है कि बाहरी नेताओं को लेकर भाजपा में विरोध शुरू हो गया है और अब भाजपा नेताओं ने दो टूक कहा है कि दूसरी पार्टियों से आने वाले सभी विधायकों को टिकट नहीं मिलेगी, उनको आना है तो वे साधारण कार्यकर्ता की तरह आएं। इसके भरोसे तृणमूल नेता भगदड़ रोकने में लगे हैं।

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