defection law goa election दलबदल कानून का क्या मतलब
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दलबदल कानून का क्या मतलब

Confusion over defection in Goa

गोवा में अगले तीन महीने में विधानसभा चुनाव के चुनाव हो जाएंगे लेकिन अभी तक 2019 में हुई दलबदल के मसले पर कोई फैसला नहीं हुआ है। जुलाई 2019 में कांग्रेस पार्टी के 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे। उस समय कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत स्पीकर से इसकी शिकायत की थी लेकिन स्पीकर इस मामले को पिछले ढाई साल से दबा कर बैठे हैं। अब इस पर सुनवाई होने वाली है लेकिन अब किसी भी फैसले का क्या मतलब रह जाएगा, जब राज्य में चुनाव शुरू हो जाएंगे। defection law goa election

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इसी तरह झारखंड में बाबूलाल मरांडी की पार्टी टूटने के बाद खुद मरांडी के भाजपा में और दो विधायकों के कांग्रेस में जाने का मामला डेढ़ साल से ज्यादा समय से अटका है। पश्चिम बंगाल में तो कई सांसदों और कई विधायकों का मामला लंबित है। अब मेघालय में कांग्रेस पार्टी टूटी है। कांग्रेस के 17 में से 12 विधायकों ने पार्टी बदल कर भाजपा में चले गए। कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत इसकी शिकायत की है पर तय मानें कि इस शिकायत पर कोई अमल नहीं होगा। बरसों तक मामला लंबित रहेगा और उसके बाद चुनाव हो जाएगा। सो, ऐसा लग रहा है कि पार्टियों और नेताओं ने दलबदल कानून को अप्रासंगिक बना दिया है।

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