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नेताओं को मोदी का क्या मैसेज?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या अपनी और दूसरी पार्टी के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात के दौरान होने वाले सिटिंग अरेंजमेंट यानी बैठने की व्यवस्था के जरिए कोई मैसेज दे रहे हैं? मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इसे मुद्दा बनाया है। असल में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उनके बैठने की व्यवस्था सामान्य से अलग थी। अगल-बगल की दो कुर्सियों पर बैठने की बजाय प्रधानमंत्री अपने लिए निर्धारित कुर्सी पर बैठे और मुख्यमंत्री बीच की कुर्सी छोड़ कर उसके आगे वाली कुर्सी पर बैठे। इस तस्वीर को साझा करके कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने दूर बैठा कर मुख्यमंत्री से अपनी नाराजगी जाहिर की है।

कहा जा सकता है कि इन दिनों कोरोना का जोर है और इसलिए सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हए इस तरह बैठने की व्यवस्था की गई है। लेकिन यह तर्क नहीं चल पा रहा है क्योंकि इस मुलाकात से दो-चार दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे तो वे प्रधानमंत्री की बगल वाली कुर्सी पर बैठे थे। उसी कुर्सी पर जो शिवराज की मुलाकात के दौरान खाली रखी गई थी। तो क्या इस आधार पर मान लिया जाए कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बहुत खुश हैं? हकीकत इससे उलट भी हो सकती है क्योंकि कई चीजों को लेकर प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से नाराज बताए जा रहे हैं।

ध्यान रहे कोई तीन महीने पहले जब प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी एके शर्मा को उत्तर प्रदेश भेजा गया था और उनके एमएलसी बना कर मंत्री बनाने की बात थी, तब भी एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली आए थे। तब जो बैठने की व्यवस्था थी वह बहुत ध्यान खींचने वाली थी। उस पर काफी चर्चा भी हुई। क्योंकि उस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी एक लंबी, करीब 20 फीट की टेबल के एक सिरे पर बैठे थे और योगी आदित्यनाथ को उस टेबल से दूसरे सिरे पर बैठाया गया था। तब योगी ने मास्क लगा रखा था और प्रधानमंत्री बिना मास्क थे। प्रधानमंत्री कार्यालय से यह तस्वीर जारी हुई थी और माना गया था कि इस तरह प्रधानमंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। हालांकि अपनी पार्टी के नेताओं से नाराजगी जाहिर करने के लिए प्रधानमंत्री को ऐसे प्रतीकों की जरूरत नहीं है।

फिर भी योगी आदित्यनाथ की उस मुलाकात की तस्वीरें इसलिए ज्यादा चर्चा में रहीं क्योंकि उसी के आसपास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अगल-बगल की कुर्सी पर बैठे थे और दोनों ने मास्क पहन रखा था। पिछले दिनों महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। उन दोनों के बैठने की व्यवस्था भी अगल-बगल की कुर्सियों पर थी। तभी कई नेता और पत्रकार आदि बैठने की व्यवस्था से नेताओं की हैसियत और प्रधानमंत्री के मूड का आकलन करने में व्यस्त हैं।

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