तेजस्वी किस बात की माफी मांग रहे हैं?

यह हैरान करने वाली बात है कि बिहार में राजद के नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के लोगों से माफी मांगी। उन्होंने बिहार में अपने माता-पिता की 15 साल तक चली सरकार के कुछ कामों को लेकर माफी मांगी है। तेजस्वी ने कहा है कि वे उस समय छोटे थे फिर भी वे उस समय हुए कुछ कामों की माफी मांगते हैं। उन्होंने कोई खास घटना नहीं बताई जैसे कांग्रेस की ओर से मनमोहन सिंह ने दिल्ली दंगों के लिए माफी मांगी थी। फिर भी तेजस्वी की माफी के बाद माना जा रहा है कि राजद के राज में हुई गुंडागर्दी को लेकर उन्होंने माफी मांगी है। सवाल है कि क्या सचमुच इस बात की जरूरत थी? लालू प्रसाद का राज आर्थिक विकास के लिहाज से खराब रहा और कानून-व्यवस्था भी तब बहुत खराब थी। लेकिन उसका कारण यह था कि समाज व्यवस्था बहुत तेजी से बदल रही थी।

बहरहाल, वह बहुत बड़े विमर्श का विषय है। असली सवाल यह है कि अगर तेजस्वी उस समय की कथित गुंडागर्दी को लेकर माफी मांग रहे हैं तो उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे रामा सिंह को क्यों पार्टी में लेना चाह रहे हैं?
वे हत्या और कई दूसरे अपराधों के आरोपी रामा सिंह को पार्टी में लाना चाह रहे हैं, जिसकी वजह से रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने बलात्कार के आरोपी को नवादा में टिकट क्यों दिया? कई  अपराधों के आरोपी को जहानाबाद में क्यों चुनाव में उतारा? ऐसे अनगिनत सवाल हैं। एक तरफ वे माफी मांग रहे हैं और दूसरी ओर वहीं काम कर रहे हैं, जिसके लिए माफी मांग रहे हैं।
उनकी माफी के मामले में एक और खास बात यह है कि उनके माता-पिता के राज में जो सबसे बड़े बाहुबली थे या जो उस समय की गुंडागर्दी में शामिल थे उनमें से ज्यादातर तो एनडीए की पार्टियों- जनता दल यू और लोजपा में चले गए हैं। राजन व राजू तिवारी से लेकर अनंत सिंह, सूरजभान सिंह, मनोरंजन सिंह धूमल, मुन्ना शुक्ला आदि सब तो सत्तापक्ष के साथ चले गए थे। प्रभुनाथ सिंह कुछ दिन पहले राजद में आए वरना वे भी जदयू में शामिल हो गए थे। सो, कायदे से माफी तो जदयू और लोजपा नेताओं की बनती है।

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