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हेमंत पर चुनाव आयोग के फैसले का क्या होगा?

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है उसका असर कई दूसरी चीजों पर भी होगा। उनको सर्वोच्च अदालत के फैसले से यह तात्कालिक लाभ तो मिल गया है कि रांची हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर आगे सुनवाई होगी। हाई कोर्ट में अलग अलग याचिकाओं के जरिए दो मामले उठाए गए हैं। एक याचिका कथित फर्जी कंपनियों के जरिए धन शोधन के जांच की है और दूसरी पद पर रहते माइनिंग लीज अपने नाम कराने की है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों जनहित याचिकाओं को सुनवाई योग्य नहीं माना है।

अपने कार्यकाल के आखिरी दिन चीफ जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने यह फैसला सुनाया। बेंच ने सिर्फ दोनों याचिकाओं को खारिज नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि जमीन हेमंत सोरेन की अपनी थी और उस माइनिंग लीज कराने का मकसद लाभ कमाना नहीं था। तभी अदालत के इस फैसले का असर चुनाव आयोग की रिपोर्ट और राज्यपाल के फैसले पर भी होगा। ध्यान रहे मुख्यमंत्री के पद पर रहते माइनिंग लीज अपने नाम कराने की शिकायत भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से की थी और राज्यपाल ने उसे चुनाव आयोग को भेजा था, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को भेजी।

राज्यपाल ने इस मामले में आयोग से फिर विचार करके दोबारा राय देने को कहा है। मीडिया में यह बात आने के बाद हेमंत सोरेन ने अपने वकील के जरिए चुनाव आयोग से संपर्क किया और इस बारे में जानकारी मांगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। सर्वोच्च अदालत ने माइनिंग लीज कराने को अपराध नहीं माना है और इस मामले को विचार के योग्य भी नहीं माना है। तभी सवाल है कि अब चुनाव आयोग कैसे हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता के अयोग्य ठहराएगा? अगर प्रोपराइटी का मामला बता कर अयोग्य ठहराया जाता है तब भी उनको चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकेगा। क्योंकि चुनाव लड़ने से तभी रोका जा सकता है, जब आपराधिक कृत्य हो। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इसे आपराधिक कृत्य नहीं माना है तो आयोग कैसे मानेगा?

सो, इस फैसले से हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता और सरकार पर आया संकट भी टलेगा। हां, दूसरे मामले में यानी धन शोधन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय, ईडी जरूर कहा है कि उसके पास सबूत है तो वह आगे बढ़े। अदालत ने यह भी कहा कि इसके लिए जनहित याचिकाकर्ता के कंधे पर रख कर बंदूक चलाने की जरूरत नहीं है। पिछले कुछ दिनों में ईडी ने हेमंत सोरने के कई करीबी लोगों से पूछताछ की है और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने हेमंत सोरेन की भी अवैध खनन के मामले में नोटिस जारी किया है। अगर इस प्रक्रिया में एजेंसी को कुछ सबूत मिले हैं या मिलते हैं तो अलग बात है।

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