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पेगासस पर अब विपक्ष क्या करेगा?

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nso pegasus spyware opposition केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सो, अब इस मामले पर विपक्षी पार्टियां क्या करेंगी? क्या संसद सत्र खत्म होने और सरकार के कमेटी बनाने की बात के साथ ही यह मामला खत्म हो गया? कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन के लिए अपने चुनाव क्षेत्र वायनाड के दौरे पर गए हैं और उनकी बहन व कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विदेश चली गई हैं। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 20 अगस्त को जरूर विपक्षी पार्टियों की एक वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे लेकिन उसके आगे क्या होगा? क्या विपक्षी पार्टियां पेगासस जासूसी मामले पर कोई आंदोलन शुरू करेंगी या जिस तरह विपक्ष के लिए राफेल विमान का मामला खत्म हो गया उसी तरह यह मामला भी अब निपट गया?

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पेगासस मामले पर संसद ठप्प करने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले एक विपक्षी नेता का कहना है कि बिहार, झारखंड या पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पेगासस का कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। लोग इस मसले को नहीं समझ पा रहे हैं। यह शहरी और मध्य वर्ग के बीच बड़ा मुद्दा हो सकता है लेकिन उस समूह के बीच अब भी भाजपा और नरेंद्र मोदी के प्रति लगाव का भाव है। इसलिए पेगासस कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उनका कहना है कि इसकी बजाय महंगाई, बेरोजगारी आदि को मुद्दा बनाना चाहिए। कृषि कानूनों का विरोध और किसान आंदोलन इससे  बड़े मुद्दा है।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस की तैयारी अलग है। बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस पेगासस जासूसी मामले को चलाए रखने के पक्ष में है और इसे चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी है। अगले साल जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां तृणमूल का आधार नहीं है और उन राज्यों में पेगासस ज्यादा बड़ा मुद्दा नहीं रहना है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बसपा को ही मुख्य रूप से भाजपा के खिलाफ लड़ना है और इन दोनों के लिए पेगासस कोई मुद्दा नहीं है। ये दोनों पार्टियां महंगाई और किसान आंदोलन को मुद्दा बनाएंगी। राज्य सरकार की विफलता और भाजपा के खिलाफ एंटी इन्कंबैंसी पर इनकी उम्मीदें टिकी हैं।

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तभी यह देखना दिलचस्प होगा क 20 अगस्त की वर्चुअल बैठक में सोनिया गांधी और दूसरे विपक्षी नेता क्या एजेंडा तय करते हैं। यह विपक्ष की बहुत अहम बैठक है, जिसमें चार गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के हिस्सा लेने की संभावना है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस वर्चुअल बैठक में हिस्सा लेंगे। इनमें से ममता को छोड़ कर बाकी कोई मुख्यमंत्री पेगासस को मुद्दा बनाने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस के पास भी इस मुद्दे पर आंदोलन छेड़ने की कोई कार्ययोजना नहीं दिख रही है। तभी कहा जा रहा है कि पार्टी अभी इंतजार करेगी और अगर इजराइल व फ्रांस की जांच में पेगासस को लेकर कोई तथ्य सामने आते हैं तब उस पर आगे कोई पहल की जाएगी।

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