कांग्रेस क्या सीडब्लूसी के चुनाव कराएगी?

कांग्रेस पार्टी के सामने नेतृत्व को लेकर तो सवाल है ही पर उसके साथ-साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पार्टी कांग्रेस कार्य समिति-सीडब्लूसी के चुनाव के लिए तैयार होगी? कांग्रेस के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पिछले कुछ दिनों से चुनाव की बात कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को अखबारों में लेख लिख कर अपनी मांग को वैचारिकता और तथ्यों के आधार पर सामने रखा है। थरूर के अलावा कुछ और नेता चाहते हैं कि पहले की तरह सीडब्लूसी के कम से कम आधे सदस्यों के लिए चुनाव कराया जाए। पिछले साल कांग्रेस के एक नेता संजय निरूपम ने सीडब्लूसी को भंग करने की भी मांग की थी।

बहरहाल, कांग्रेस कार्य समिति में कुल 23 सदस्य हैं। इनके अलावा 16 स्थायी स्थायी आमंत्रित हैं और दस सदस्य विशेष आमंत्रित हैं। स्थायी आमंत्रित और विशेष आमंत्रित सदस्यों का चुनाव नहीं होता है। ऐसे सदस्यों में आमतौर पर पार्टी के पदाधिकारी और राज्यों के प्रभारी सदस्य होते हैं। ज्यादातर सदस्य पदेन होते हैं और कुछ अध्यक्ष के द्वारा मनोनीत होते हैं। पार्टी संविधान के मुताबिक कार्य समिति के सदस्यों में से आधे का चुनाव होना चाहिए पर हर बार जब चुनाव की बारी आती है तो सारे सदस्य पार्टी अध्यक्ष को फैसला करने के लिए अधिकृत कर देते हैं। इसका कारण यह है कि पहले जब भी चुनाव हुआ है पार्टी में कड़वाहट बढ़ी है।

कार्यसमिति के 23 सदस्यों में भी कई पदेन सदस्य होते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष, प्रधानमंत्री या पूर्व प्रधानमंत्री, संसद के दोनों सदनों के नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री इसके पदेन सदस्य होते हैं। ऐसे में चुनाव के लिए कितनी सीटें बचेंगी? फिर भी अगर कांग्रेस आलाकमान चाहे तो 11-12 सीटों पर चुनाव हो सकता है। कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के करीबी नेता चाहते हैं कि सीडब्लूसी का चुनाव हो। इससे नए लोगों को पार्टी की सर्वोच्च बॉडी में जगह मिल सकेगी।

दूसरी ओर पार्टी के कई पुराने नेता मौजूदा सिस्टम को चलाए रखना चाहते हैं। वे नहीं चाहते हैं कि चुनाव हो। इसका तर्क यह दिया जा रहा है कि वैसे ही अभी पार्टी में काफी सारे नेता नाराज हैं और अलग होने का बहाना खोज रहे हैं। दूसरे, पार्टी संगठन के अंदर कई कारणों को लेकर विभाजन है। अगर चुनाव कराया गया तो विभाजन बढ़ेगा। हालांकि ऐसे तर्कों के बावजूद राहुल गांधी ने पहले कई संगठनों के लिए चुनाव कराए थे। हालांकि हर जगह नेताओं के बेटे-बेटी ही चुनाव जीत कर आ गए, जिसके बाद उन्होंने इसे रोक दिया था। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए उन्होंने सीडब्लूसी में चुनाव की भी एक शर्त रखी है। हालांकि अभी कांग्रेस सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि वे किसी भी हाल में अध्यक्ष बनने को राजी नहीं हो रहे हैं। पर अगर बने तो चुनाव जरूर होंगे।

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