क्या बदलेगी भारत की म्यांमार नीति? - Naya India will indias myanmar policy
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क्या बदलेगी भारत की म्यांमार नीति?

will indias myanmar policy

will indias myanmar policy change : अब क्या म्यांमार के प्रति भारत की नीति बदलेगी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि अमेरिका के एसएंडपी डाउ जोंस के इंडेक्स से अडानी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन को हटाने का फैसला किया गया है। डाउ जोंस की ओर से कहा गया है कि 15 अप्रैल को एपीएसईजेड को इंडेक्स से हटा दिया जाएगा क्योंकि कंपनी के कारोबारी रिश्ते म्यांमार की सेना के साथ हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक मानव अधिकारियों का गंभीर उल्लंघन किया है। गौरतलब है कि म्यांमार में चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करके सत्ता हासिल करने और उसके बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की हत्या कर रहे सैन्य शासन के खिलाफ अमेरिका ने पहले से पाबंदी लगाई हुई है।

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अमेरिका की पाबंदी के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि अडानी समूह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि कंपनी यंगून में जो बंदरगाह बना रही है उस प्रोजेक्ट में सेना के कई अधिकारी की साझेदारी वाली कंपनियां भी शामिल हैं। म्यांमार इकोनॉमिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड और म्यांमार इकोनॉमिक कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ जुड़े कोई 10 सैन्य अधिकारियों पर अमेरिका ने पाबंदी लगाई है। ध्यान रहे म्यांमार इकोनॉमिक कारपोरेशन लिमिटेड का संबंध यंगून बंदरगाह परियोजना से है। हालांकि अडानी समूह का कहना है कि आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार की देखरेख में ही यह प्रोजेक्ट चल रहा था।

बहरहाल, अब दिलचस्प बात यह है कि क्या भारत की म्यांमार नीति बदलेगी? ( will indias myanmar policy change ) अभी तक भारत सरकार ने म्यांमार में तख्ता पलट के बाद हो रहे नरसंहार की कड़े शब्दों में निंदा नहीं की है और न पड़ोसी देश के नाते कोई ऐसा पहल की है, जिससे लगे कि वह लोकतंत्र बहाली को लेकर गंभीर है। ऐसा संभवतः अडानी समूह के प्रोजेक्ट की वजह से हो रहा था। लेकिन अब आगे क्या होगा?

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