येदियुरप्पा की कुर्सी को क्या खतरा है?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की कुर्सी क्या खतरे में है? राज्यसभा चुनाव के लिए उनके भेजे गए नामों को ठुकरा कर दो बिल्कुल नए नाम घोषित किए जाने के बाद इसकी अटकलें शुरू हो गई हैं। 19 जून को राज्य में होने वाली चार राज्यसभा सीटों के लिए येदियुरप्पा ने तीन नाम भिजवाए थे। इनमें एक इस बार रिटायर हो रहे मजबूत लिंगायत नेता प्रभाकर कोरे का भी नाम था। उनके अलावा रमेश कट्टी या प्रकाश शेट्टी में से किसी एक को टिकट मिलनी थी। पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने ये दोनों नाम खारिज कर दिए और अपनी ओर से एरना कडाडी और अशोक गस्ती के नाम तय कर दिए। इन दोनों को संघ का करीबी भी बताया जा रहा है। क्या इससे यह माना जाए कि येदियुरप्पा संघ का समर्थन भी खो रहे हैं?

बहरहाल, इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक में राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि 76 साल के येदियुरप्पा की उलटी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि येदियुरप्पा भी धरतीपकड़ पहलवान हैं और वे आसानी से अपनी जमीन छोड़ने वाले नहीं हैं। आखिरकार वे मुख्यमंत्री भी अपने दम पर अपने हिसाब से फैसले करा कर बने हैं। तभी उनके समर्थक दावा कर रहे हैं वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। गौरतलब है कि येदियुरप्पा पहले एक बार पार्टी तोड़ चुके हैं और उनकी बगावत से हुए नुकसान का पार्टी को अंदाजा है। इसलिए भाजपा जल्दबाजी नहीं करेगी। हो सकता है कि ऐसे छोटे-छोटे झटके दिए जाते रहें। कर्नाटक की राजनीति के जानकारों का कहना है कि विधान परिषद की सात सीटों के लिए होने वाला चुनाव सेकेंड राउंड है, जिसमें येदियुरप्पा अपनी ताकत दिखा सकते हैं।

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