आक्रामकता को क्रिकेट से नहीं हटाना चाहिए : बाउचर

पोर्ट एलिजाबेथ। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर का मानना है कि मैदान पर जब दो टीमें एक-दूसरे के खिलाफ कड़े मुकाबले खेल रही होती हैं तो कभी-कभी भावनाएं ज्यादा हो जाती हैं।

बाउचर का कहना है कि आक्रामकता को क्रिकेट से बाहर नहीं करना चाहिए। क्रिकइंफो ने बाउचर के हवाले से लिखा, “आप क्रिकेट से सभी आक्रामकताओं को नहीं हटा सकते। आपके पास दो ऐसी टीमें हैं, जो मैदान पर कड़ी क्रिकेट खेल रही है और कभी कभार भावनाएं कुछ ज्यादा हो जाती है।

इसलिए इस तरह के नियम थोड़े निराशाजनक हैं लेकिन अगर आपको नियम पता हैं तो आपको उन्हें मानना चाहिए।” मौजूदा समय में दक्षिण अफ्रीकी टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे बाउचर का यह तेज गेंदबाज कगिसो रबादा पर एक डिमेरिट अंक लगाने के बाद आया है। आईसीसी ने गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन रबादा के खाते में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया था।

रबादा विपक्षी टीम के बल्लेबाज को आउट करने के बाद आक्रामक अंदाज में जश्न मना रहे थे। बाउचर ने कहा, “मुझे लगता है कि वह आक्रामक होकर ही अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कर पाता है इसलिए आक्रामकता और नियम तोड़ने के बीच सही संतुलकर ढूंढ पाने की कोशिश है लेकिन साथ ही साथ कोशिश नियमों को समझने और उसे सही लाइन पर रखने की भी है।” कोच ने कहा, “केजी को पता है वो क्या कर सकता है और क्या नहीं और शायद उसने रेखा से थोड़ा आगे निकल गया।”

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