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अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

Pic Credit : ANI

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