कोपा इटालिया : एसी मिलान सेमीफाइनल में पहुंचा - Naya India
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कोपा इटालिया : एसी मिलान सेमीफाइनल में पहुंचा

रोम। इटली के क्लब एसी मिलान ने यहां क्वार्टर फाइनल मैच में टोरिनो एफसी को 4-2 से हराकर कोपा इटालिया के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। मंगलवार को हुए इस मैच से पहले अमेरिका के दिग्गज बॉस्केटबॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट को श्रद्धांजलि दी गई।

ब्रायंट और उनकी बेटी गियानी की रविवार को एक हवाई दुर्घटना में मौत हो गई थी। ब्रायंट को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनो टीमों के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी अपने बाजूओं पर काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे।

मैच का पहला गोल गियाकोमो बोनावेंतुरा की तरफ से 12वें मिनट में आया। इस गोल मिलान ने 1-0 की बढ़त बना ली। लेकिन इसके बाद ग्लीसन ब्रीमर ने 34वें मिनट में गोल दागकर टोरिन को 1-1 की बराबरी दिला दी। ब्रीमर ने फिर 71वें मिनट में अपना और अपनी टीम के लिए दूसरा गोल करके स्कोर को 2-1 कर दिया।

लेकिन मिलान ने इंजुरी टामइ में हेकान कालहानोग्लू (106वें मिनट) और फिर ज्लाटान इब्राहिमोविक (108वें मिनट) के गोल की मदद से 4-2 से मैच जीत लिया। सेमीफाइनल में मिलान का सामना जुवेंतस से होगा, जिन्होंने एक अन्य क्वार्टर फाइनल में जुवे बेस्टेड रोमा को 3-1 से हराया था। सेमीफाइनल मुकाबले फरवरी और मार्च में खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 13 मई को होगा।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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