Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

किदांबी श्रीकांत: भाई के नक्शेकदम पर चलकर बने शटलर

New Delhi, Jan 15 (ANI): Indian shuttler Kidambi Srikanth in action during the Yonex-Sunrise India Open 2026 at Indira Gandhi Sports Complex, in New Delhi on Wednesday. (ANI Photo)

किदांबी श्रीकांत की गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ियों में होती है, जिन्होंने अपनी तेज आक्रामक खेल शैली से भारत को कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में गौरव दिलाया है। साल 2017 में 4 सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले किदांबी ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।  

7 फरवरी 1993 को आंध्र प्रदेश के किसान परिवार में जन्मे श्रीकांत ने बड़े भाई को देखकर 7 साल की उम्र में रैकेट थामा था। उनके भाई नंद गोपाल किदांबी भी नामी बैडमिंटन खिलाड़ी रहे, जिनके नक्शेकदम पर चलते हुए किदांबी श्रीकांत ने इसी खेल में अपने करियर को बनाने का फैसला किया। श्रीकांत दो साल की ट्रेनिंग के लिए अपने भाई के साथ विशाखापत्तनम के साई सेंटर में रहने लगे।

जल्द ही श्रीकांत ने पुलेला गोपीचंद एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू कर दी, जहां उन्होंने कड़ी मेहनत की। साल 2011 में उन्होंने कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता, जिसके बाद ऑल इंडिया जूनियर इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में 2 स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

किदांबी को युगल खिलाड़ी के तौर पर सफलता मिलने लगी थी, लेकिन हेड कोच की सलाह पर एकल मुकाबलों में उतरने लगे। कोच की सलाह बेहद काम आई और साल 2013 में उन्होंने थाईलैंड ओपन का खिताब जीत लिया।

श्रीकांत ने साल 2014 में चीन के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट लिन डैन को उनके ही देश में शिकस्त देकर चाइना ओपन का खिताब अपने नाम किया। साल 2015 में स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने।

2016 रियो ओलंपिक में किदांबी श्रीकांत ने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए मेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन खिताब नहीं जीत सके।

Also Read : महबूबा मुफ्ती ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

साल 2017 किदांबी श्रीकांत के लिए बेहद खास रहा, जब उन्होंने पांच सुपर सीरीज के फाइनल में जगह बनाई और चार खिताब जीते। इसी के साथ वह एक कैलेंडर ईयर में चार खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में चोंग वेई, लिन डैन और चेन लोंग जैसे नामी खिलाड़ियों के साथ शामिल हो गए।

इसी साल नवंबर में फ्रेंच ओपन के दौरान किदांबी के घुटने में चोट लग गई। नेशनल चैंपियनशिप के दौरान यह काफी बढ़ भी गई, लेकिन श्रीकांत ने शानदार वापसी करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड जीतकर वर्ल्ड रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने, लेकिन इसके बाद किदांबी की फॉर्म में गिरावट आने लगी। वह 2020 टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाने से भी चूक गए। 

साल 2021 में किदांबी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए पुरुष एकल में सिल्वर जीता। इसके बाद मई 2022 में थॉमस कप में युवा भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए खिताब जीता। राष्ट्रमंडल खेल 2022 के सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ मिश्रित टीम इवेंट में सिल्वर अपने नाम किया।

बैडमिंटन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किदांबी श्रीकांत को साल 2015 में ‘अर्जुन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, जिसके बाद साल 2018 में पद्म श्री खिताब से नवाजा गया।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version