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मलेशियन क्रिकेट एसोसिएशन ने शुरू किया नेशनल क्रिकेट सेंटर

मलेशियन क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने अपने कोचिंग और विकास कार्यक्रमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इसके साथ ही आगामी 10 वर्षों में खेल के विकास को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत एक राष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र भी खोला जाएगा। 

इस नई योजना का अहम हिस्सा डेव व्हाटमोर की बढ़ी हुई भूमिका है, जो अब क्रिकेट निदेशक और सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच दोनों पद संभालेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य पूरे नेशनल सिस्टम में बेहतर तालमेल बनाना है, जिसमें प्रदर्शन प्रबंधन, विश्लेषण और खिलाड़ियों के विकास मार्ग शामिल हैं।

व्हाटमोर ने देश की क्रिकेट पहचान को विकसित करने के लिए अलग-अलग उम्र के ग्रुप्स में एक एकजुट दृष्टिकोण की जरूरत पर जोर दिया। व्हाटमोर ने कहा मलेशिया में जबरदस्त नैसर्गिक क्षमता है और आगे बढ़ने की सच्ची ललक है। अब मुख्य बात तालमेल बिठाना है, यह पक्का करना कि अंडर-19 से लेकर सीनियर टीम तक, हम एक ही स्पष्ट खेल पहचान और परफॉर्मेंस के सिद्धांत के तहत काम करें। मेरा ध्यान टीम की गहराई बढ़ाने, तैयारी के स्तर को ऊपर उठाने और एक ऐसा उच्च-प्रदर्शन वाला माहौल बनाने पर होगा, जो अगले दशक में एशिया और उससे बाहर भी लगातार मुकाबला कर सके।

इस बदलाव में कई अहम नियुक्तियां शामिल हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ियों को कोचिंग के अहम पद दिए गए हैं। राकेश माधवन सीनियर महिलाओं की टीम की देखरेख करेंगे, जबकि थुशारा प्रभात कोडिकारा अंडर-19 महिलाओं के कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे। एम. मुनियांडी पुरुषों की ‘ए’ टीम के कोच के तौर पर अपना पद बरकरार रखेंगे।

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इस पहल का मुख्य केंद्र बिंदु बायूमास ओवल में एमसीए नेशनल क्रिकेट सेंटर की स्थापना है। इसे साल भर चलने वाली उच्च-प्रदर्शन सुविधा और प्रतिभा विकास के लिए एक केंद्रीय केंद्र के तौर पर डिजाइन किया गया है। बिलाल असद को इस केंद्र का प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे क्षेत्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि एक जैसे मानक सुनिश्चित किए जा सकें और मौजूदा ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत किया जा सके।

एमसीए के अध्यक्ष महिंदा वल्लीपुरम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य क्रिकेट के लिए एक टिकाऊ और मजबूत ढांचा तैयार करना है।

उन्होंने कहा अगले दशक में कई एशियन गेम्स, दक्षिण पूर्व एशियाई खेल, आईसीसी साइकिल और ओलंपिक गेम्स को देखते हुए हमारी नींव मजबूत करना बेहद जरूरी है। हम कोई नई चीज नहीं बना रहे हैं, बल्कि अग्रणी फुल मेंबर देशों से सीखकर खुद को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारा लक्ष्य साफ है, सिस्टम मजबूत करना, ढांचे को बेहतर बनाना और साथ मिलकर आगे बढ़ना।

यह कदम मलेशिया द्वारा आईसीसी अंडर-19 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 की सफल मेजबानी के बाद उठाया गया है, जिसका फाइनल बायुएमास ओवल में खेला गया था। यह पुनर्गठन बोर्ड की उस मंशा को दर्शाता है, जिसके तहत वह इस सकारात्मक माहौल का लाभ उठाकर भविष्य की अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिए मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करना चाहता है।

Pic Credit : ANI

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