मेसी ने बार्सिलोना अस्पताल को दिया 10 लाख यूरो की मदद - Naya India
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मेसी ने बार्सिलोना अस्पताल को दिया 10 लाख यूरो की मदद

बार्सिलोना। अर्जेंटीना के स्टार फुटबालर लियोनेल मेसी ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए बार्सिलोना में एक अस्पताल को 10 लाख यूरो दान दिया है। मेसी ने यह राशि अस्पताल क्लीनिक और जन अस्पताल को दिया है, जिसका कि खुद अस्पताल ने टिवटर पर पुष्टि की है।
मेसी के पूर्व बार्सिलोना मैनेजर पेप गार्डियोला ने भी बार्सिलोना स्थित एक एनजीओ को जरूरी मेडिकल चीजें खरीदने के लिए एक मिलियन यूरो दिया है।

मेसी के अलावा पुर्तगाल के स्टार फुटबालर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्ज मेंडिस ने भी लिस्बन और पोटरे के अस्पतालों को 10-10 लाख यूरो की राशि दान की है। मेसी और भारतीय कप्तान सुनील छेत्री सहित 28 पूर्व और मौजूदा फुटबालरों को फुटबाल की नियामक संस्था फीफा द्वारा कोविड 19 महामारी के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान में शामिल किया गया है। फीफा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मिलकर कोरोना वायरस के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें ये मशहूर फुटबालर लोगों को इस भयानक बीमारी से बचाव के लिए पांच जरूरी कदम उठाने का अनुरोध कर रहे हैं।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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