रितु फोगाट खेलेंगी मिक्स्ड मार्शल आर्ट चैंपियनशिप - Naya India
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रितु फोगाट खेलेंगी मिक्स्ड मार्शल आर्ट चैंपियनशिप

नयी दिल्ली। लोकप्रिय फोगाट बहनों में से एक रितु कुश्ती के अखाड़े में सफलता हासिल करने के बाद अब अपने अनुभव को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में आज़माने उतरेंगे जिसके लिये वह पहली बार मेक वन चैंपियनशिप में उतरेंगी। पेशेवर एमएमए में उनका पहला मुकाबला चीन की राजधानी बीजिंग में होगा, जहां वह 16 नवंबर को वन चैंपियनशिप की ‘ऐज ऑफ ड्रैगन’ प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगी। बॉलीवुड फिल्म दंगल से लोकप्रिय हुयीं फोगाट बहनें कुश्ती में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल कर चुकी हैं, ऐसे में रितु के नयी तरह की स्पर्धा में प्रदर्शन को लेकर सभी की निगाहें लगी हैं।

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रितु राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप और अंडर-23 विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुकी हैं। जीता। रितु ने अब दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन वन चैंपियनशिप से अनुबंध किया है। उन्होंने इसके लिये सिंगापुर के एवोल्व एमएमए में ट्रेनिंग की है। महिला पहलवान ने मिक्स्ड मार्शल आर्टस में आने को लेकर कहा,“ मेरे लिए यह एक नया खेल है। सिंगापुर में आने से पहले मुझे सिर्फ कुश्ती का अनुभव था। यहां मैं कई सारे प्रशिक्षकों से मार्शल आर्ट के अलग अलग पहलुओं को सीख रही हूँ। मैं अपने आप को मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर प्रस्तुत करने के लिए तैयार हूं।”

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By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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