सत्यन को पछाड़ शरत बने भारत के नंबर वन खिलाड़ी - Naya India
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सत्यन को पछाड़ शरत बने भारत के नंबर वन खिलाड़ी

नई दिल्ली। भारत के स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) की आज जारी सीनियर पुरुष खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग में गणशेखरन सत्यन को पछाड़ भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी बन गए ।

रैंकिंग के अनुसार शरत 31वें पायदान पर पहुंच गए और इसके साथ ही वह भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी बन गए हैं। पिछले महीने ओमान ओपन जीतने वाले शरत ने सात स्थान की छलांग लगाकर 31वां स्थान हासिल किया। सत्यन एक स्थान खिसककर 32वें नंबर पर पहुंच गए हैं। शरत के 6460 अंक और सत्यन के 6335 अंक हैं।

भारत के उभरते युवा खिलाड़ी मुदित दानी नौ स्थान के सुधार के साथ अपने करियर में पहली बार शीर्ष 200 में स्थान बनाने में कामयाब रहे। वह 200वें नंबर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा हरमीत देसाई 72वें, एंथनी अमलराज 100वें और मानव ठक्कर 139वें स्थान पर हैं।

सीनियर महिला रैंकिंग में मणिका बत्रा 63वें जबकि सुतीर्था मुखर्जी 95वें स्थान पर हैं। आईटीटीएफ ने इसके साथ ही कोरोना के कारण टूर्नामेंट शुरु होने तक रैंकिंग को स्थिर कर दिया है। कोरोना वायरस के कारण आईटीटीएफ ने अपने सभी टूर्नामेंट को 30 जून स्थगित किया है।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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