बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की एड-हॉक कमेटी ने पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। तमीम की नियुक्ति नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल की तरफ से अमीनुल इस्लाम के नेतृत्व वाले मौजूदा बोर्ड को भंग करने के बाद की गई है। पिछले साल बीसीबी के चुनावों में अनियमितताओं के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
यह फैसला 11 मार्च को खेल मंत्रालय की ओर से शुरू की गई जांच के बाद आया, जिसमें पांच सदस्यीय समिति को 6 अक्टूबर को हुए चुनावों में हेरफेर, दुर्व्यवहार और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों की जांच सौंपी गई थी। बीसीबी ने पहले इस पैनल के गठन पर आपत्ति जताते हुए इसे क्रिकेट प्रशासन में सरकार का अनावश्यक हस्तक्षेप बताया था।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गईं। राष्ट्रीय खेल परिषद (एनएससी) के खेल निदेशक अमीनुल एहसान ने कहा कि यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही नई बनाई गई 11 सदस्यीय अंतरिम समिति का विवरण भी साझा किया गया है।
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चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंताएं मतदान से पहले ही सामने आने लगी थीं, जिसमें तमीम और ढाका स्थित कई क्लबों के प्रतिनिधियों ने अनुचित प्रभाव का आरोप लगाया था। इसके अलावा, तमीम ने यह भी बताया था कि नामांकन की समय सीमा दो बार बढ़ाई गई थी, जिसके चलते उन्होंने 1 अक्टूबर को चुनाव की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था। हालांकि, अमीनुल ने चुनाव की पूर्व संध्या पर सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
37 साल की उम्र में तमीम इस भूमिका में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के सबसे युवा प्रमुख बन गए हैं। वे एक अंतरिम समिति का नेतृत्व करेंगे, जिसमें पूर्व राष्ट्रीय कप्तान मिनहाजुल आबेदीन और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर व कमेंटेटर अतहर अली खान सहित प्रशासनिक और कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि के कई अन्य सदस्य शामिल हैं।
बीसीबी के भीतर बढ़ती अस्थिरता के बीच ये घटनाक्रम सामने आए हैं। अमीनुल इस्लाम ने हाल ही में बढ़ती जांच के बावजूद अध्यक्ष बने रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन चुनावों की वैधता पर सवाल, आईसीसी टी20 विश्व कप से बांग्लादेश की अनुपस्थिति और बोर्ड में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों के चलते खेल मंत्रालय का दबाव लगातार बढ़ता गया।
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