वनडे और टी20 में वापसी का सवाल हास्यास्पद : अश्विन - Naya India
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वनडे और टी20 में वापसी का सवाल हास्यास्पद : अश्विन

नई दिल्ली। भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का कहना है कि उनके वनडे और टी20 टीम में वापसी का सवाल हास्यास्पद है क्योंकि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से संतुष्ट हैं। अश्विन भारतीय टेस्ट टीम का लगातार हिस्सा रहे हैं लेकिन उन्होंने जुलाई 2017 के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित ओवरों का मैच नहीं खेला है। अश्विन इस दौरान आईपीएल में खेलते रहे हैं।

अश्विन ने कहा, कई बार ऐसा समय आता है जब आपको खुद से प्रतिस्पर्धा करनी होती है लेकिन मैं अपने जीवन में संतुलन बनाना जानता हूं और मुझे पता है कि खुद से कैसे प्रतिस्पर्धा करनी है। उन्होंने कहा, जब कोई यह सवाल पूछता है कि मैं वनडे और टी20 टीम में कब वापसी करूंगा तो यह सवाल मुझे हास्यास्पद लगते हैं क्योंकि मैं काफी शांति से हूं और जैसे रह रहा हूं वैसे खुश हूं।

इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में हुई टेस्ट सीरीज में अश्विन टेस्ट में 400 विकेट लेने वाले भारत के चौथे गेंदबाज बने थे। अश्विन ने कहा, मुझे जब भी अवसर मिला उसमें मैंने गेम ब्रेकिंग प्रदर्शन करने की कोशिश की। लेकिन लोग जो सवाल करते हैं और अपनी राय रखते हैं उससे मैं चिंतित नहीं होता।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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