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Thursday, May 13, 2021
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Tokyo Olympic : इंटरनेशनल वूमेन रेसलर गीता फोगाट ने कहा, भारतीय महिला खिलाड़ी ओलम्पिक में धमाका करने के लिए तैयार

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Varanasi । भारत की इंटरनेशनल वूमेन रेसलर गीता फोगाट (Geeta Phogat) ने कहा कि भारत की महिला खिलाड़ी इस बार के टोक्यो ओलम्पिक (Tokyo Olympic) में बड़ा धमाका करने के लिए तैयार हैं। भारत की महिला ओलम्पिक खिलाड़ियों साक्षी मालिक (Sakshi Malik) और पीवी सिंधू (PV Sindhu) ने पिछले ओलम्पिक (Olympic) में मेडल प्राप्त किए थे।

गीता फोगाट (Geeta Phogat) वाराणसी से संचालित तेजस्वनी स्ट्रांग वूमेन क्लब (Tejaswani Strong Women’s Club) के पहले स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर में पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ ही साथ खेल को भी आवश्यक बताया और कहा कि दोनों ज़रूरी है पर हम 100 परसेंट किसी एक चीज़ में ही दे सकते हैं।

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गीता फोगाट ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को खेल की दुनिया में आगे लाने के लिए मेरी योजना है, मै जल्द ही एक रेसलेनिग एकेडमी (Racelenig Academy) महिलाओं के लिए खोलने वाली हूं। उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो यहां की सरकार अपने खिलाड़ियों की जितनी हो सके उतनी मदद कर सके। यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है।

 

उत्तर प्रदेश में महिला खिलाड़ियों की कमी पर उन्होंने कहा कि ऐसा आप नहीं कह सकते। मेरी काफी सीनियर और इण्टरनेशनल रेसलर और अर्जुन अवार्डी अलका तोमर (Alka Tomar) मेरठ की निवासी हैं और इसके अलावा बनारस की सिंह सिस्टर्स को कौन नहीं जानता। इन्होने अपनी मेहनत और लगन से सफलता के मुकाम को पाया है।

गीता फोगाट ने कहा कि हमें खेल के साथ-साथ पढ़ाई भी करना चाहिए पर यदि आप की रूचि खेल में हैं तो खेल ज़रूर खेलें। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों में से किसी एक चीज़ में व्यक्ति परफेक्ट हो सकता है। यदि खेल में परफेक्ट होना है तो पढ़ाई में परफेक्शन नहीं आ सकता। आप दोनों जगह परफेक्ट नहीं हो सकते पर उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि पढ़ाई ज़रूरी है।

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सफलता के पीछे उन्होंने अपने माता-पिता का सम्पूर्ण योगदान बताया। उन्होंने कहा कि पिता ही हमारे कोच थे और उनसे ही हमने सारे दांव-पेच सीखे हैं। उन्होंने कभी ये नहीं सोचना कि लोग क्या सोचेंगे, ज़माना क्या सोचेगा। उन्होंने हमें खुली छूट दी और आज हम इस मुकाम पर हैं। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसकी माता का बड़ा योगदान होता है।

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