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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा कोविड-19 के खिलाफ जंग में आगे आए, शुरू किया ये अभियान

मुंबई | सेलिब्रिटी जोड़ी अनुष्का शर्मा और विराट कोहली (Virat Kohli) ने कोविड संकट (Covid Crisis) से निपटने में मदद करने के लिए एक धन निधि अभियान शुरू किया है। इस युगल ने अभियान के लिए क्राउड-फंडिंग प्लेटफॉर्म केटो के साथ सहयोग किया है। ‘हैशटेग इनदिसटुगेदर’ की पहल के लिए 2 करोड़ रुपये दान कर चुका है। उन्होंने भारत (India) में कोविड से राहत देने के लिए 7 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।

उसी के बारे में बात करते हुए, अनुष्का ने कहा, भारत (India) बेहद कठिन समय से गुजर रहा है और भयावय कोविड महामारी की दूसरी लहर ने हमारे देश को संकट की स्थिति में धकेल दिया है। यह हम सभी के लिए एक साथ आने और करने का समय है। हमारे सभी को आगे आना चाहिए जिससे जरूरत मंद देशवासियों की मदद की जा सकें। विराट कोहली (Virat Kohli) और मुझे बहुत दुख हुआ है कि लोग जिस बेवजह की पीड़ा से गुजर रहे हैं उसे देखते हुए हमें उम्मीद है कि यह फंड वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई में मदद करेगा कि हम सभी असहाय साक्षी हैं। हम सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हम आशा करते हैं कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने के लिए हमारी प्रार्थनाओं में शामिल हों क्योंकि हम सभी एक साथ हैं।

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विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा, हम अपने देश के इतिहास में एक अभूतपूर्व समय से गुजर रहे हैं और हमारे राष्ट्र को हम सभी को एकजुट होने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की जरूरत है। अनुष्का और मैं पिछले साल से इंसानों को पीड़ित देखकर हैरान हैं। महामारी में लोग सभी लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करने की दिशा में काम कर रहे हैं, अब भारत को पहले से कहीं गुना हमारे समर्थन की जरूरत है।

हम इस निधि को इस विश्वास के साथ शुरू कर रहे हैं कि हम पर्याप्त धनराशि जुटाने में सक्षम होंगे जिसकी उन्हें सख्त जरूरत हैं। हमें विश्वास है कि लोग संकट में साथी देशवासियों का समर्थन करने के लिए आगे आएंगे। हम सब एक साथ मिलकर इस महामारी को दूर करेंगे। ‘हैशटेग इनदिसटुगेदर’ पूरी तरह से सात दिनों तक चलेगा और उठाए गए कार्यों को इस अभियान के कार्यान्वयन साझेदार एसीटी अनुदान को निर्देशित किया जाएगा।

एसीटी की प्रवक्ता प्रवक्ता गायत्री यादव ने कहा, अनुष्का और विराट की दमदार आवाज की मदद से धन निधि के प्रयासों से हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। एसीटी इनका इस अनुदान से जुड़ने के लिए आभारी है। ‘कीटो डॉट ओआरजी’ के सीईओ और सह-संस्थापक, वरुण सेठ ने कहा, “हम अपने कोविड राहत कार्यक्रम में सहयोग के लिए विराट खोली और अनुष्का शर्मा के साथ सहयोग करने के लिए खुश हैं।

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कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के लिए चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया, तो उनका पूरा फंड ही खत्म हो जाएगा।

केंद्र का कहना है कि अगर कोरोना से मरे लोगों को चार लाख का मुआवजा देने का राज्यों को निर्देश दिया गया तो इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के साथ ही बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं से भी लड़ पाना असंभव हो जाएगा। केंद्र ने अदालत को बताया कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों को कोविड से हुई मौत के रूप में ही रिकार्ड किया जाना चाहिए। फिर चाहे वह मौतें कहीं भी क्यों न हुईं हों।

गौरतलब है कि अब तक सिर्फ अस्पतालों में हुई कोरोना संक्रमितों की मौत को ही कोविड डेथ के रूप में रिकार्ड किया जाता था। घर पर या अस्पताल की पार्किंग या गेट पर होने वाली मौतों को भी कोविड रिकार्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस वजह से मौत के आंकड़ों में विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। सरकार ने इस तरह की हर मौत को कोविड डेथ के रूप में दर्ज करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

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