• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 29 July, 2019 03:40 PM | Total Read Count 27
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मराठा आरक्षण पर जल्द सुनवाई

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा आरक्षण पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति जताई है। उल्लखनीय है कि शीर्ष अदालत में  मराठा आरक्षण को सही ठहराने के बंबई हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका लंबित है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता एवं जस्टिस अनिरूद्ध बोस की पीठ ने एक वकील के इस कथन पर गौर किया कि जिन याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होना था, वे न्यायालय की कार्यसूची में नहीं है।  पीठ ने मामले पर तत्काल सुनवाई के अनुरोध पर कहा कि आप मेमो दीजिए, हम इस पर गौर करेंगे। शीर्ष अदालत में मराठा आरक्षण को सही ठहराने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ जे लक्ष्मण राव पाटिल और वकील संजीत शुक्ला की याचिका लंबित है। इन याचिकाओं में बंबई हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया।

27 जून के फैसले में हाई कोर्ट ने कहा था कि कुल आरक्षणों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाई गई 50 फीसद की सीमा को अपवाद की परिस्थितियों में पार किया जा सकता है। 'यूथ फॉर इक्वेलिटी' के प्रतिनिधि शुक्ला ने अपनी याचिका में कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) कानून, 2018 शीर्ष अदालत द्वारा इंदिरा साहनी मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले में आरक्षण पर लगाई गई 50 फीसद सीमा का उल्लंघन है। इस फैसले को मंडल आदेश भी कहा जाता है। इस कानून का मकसद सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में मराठा समुदाय को आरक्षण देना था।
 

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