• [WRITTEN BY : Edit Team] PUBLISH DATE: ; 13 August, 2019 06:30 AM | Total Read Count 157
  • Tweet
मवेशी सियासत का चारा हैं!

गौरक्षा भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख मुद्दा है। उसमें भी देसी गायों को बढ़ावा देना उसकी नीति है। इसलिए असल में देसी गायों का क्या हो रहा है, यह जानना दिलचस्प है। हकीकत यह है कि देसी नस्ल के मवेशियों को बढ़ावा देने के लिए बीजेपी सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाओं के बावजूद देसी मवेशियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। पशुधन गणना 2019 की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक देसी मवेशियों की संख्या देश में 13 करोड़ 98 लाख है। 2012 में पिछली पशुधन गणना की तुलना में देसी मवेशियों संख्या में 7.5 फीसदी की गिरावट आई है। 1992 में देसी मवेशियों की संख्या 18 करोड़ 93 लाख थी, जो 2012 में घटकर 15 करोड़ 11 लाख हो गई। जिसके बाद अब राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी तमाम केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बावजूद देसी मवेशियों की संख्या में लगातार गिरावट जारी है। वहीं आंकड़ों से पता चलता है कि 2012 के बाद विदेशी और संकर पशुओं (क्रॉस ब्रीड) की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

2012 में इनकी संख्या तीन करोड़ 97 लाख थी, जो 2019 में बढ़कर पांच करोड़ 14 लाख हो गई। ये आंकड़ें दिखाते हैं कि खेती-किसानी में किसान अधिक दूध देने वाले मवेशियों को महत्त्व दे रहे हैं। 300 से 305 दिनों की दूछ चक्र में एक गिर, साहिवाल या लाल सिंधी जैसी देसी गाय केवल 1500 से 2000 लीटर दूध देती है। जबकि होल्सटीन फ़्रिसियन और जर्सी जैसी विदेशी गायें 7000-8000 लीटर दूध देती है। वहीं क्रास ब्रीड 4,000-4500 लीटर दूछ देती है। देश में दूसरी श्वेत क्रांति लाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन के तहत सरकार देसी नस्ल के दुधारू पशुओं को बढ़ावा देकर दूध के उत्पादन को बढ़ाना चाहती है। योजना के तहत सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का बजट रखा था। लेकिन ताजा आंकड़ों से साफ है कि उस योजना के लागू होने के पांच साल बाद भी जमीन पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं। किसान देसी गायों और अधिक चिकनाई वाला दूध देने वाले भैंसों के तुलना में विदेशी और संकर गायों को तरजीह दे रहे हैं। इसकी वजह आर्थिक है। किसानों के लिए पशु आस्था का नहीं बल्कि आजीविका का साधन हैं। अब कोई पार्टी या सरकार इसे ना समझ ना चाहे, तो यह उसकी मर्जी है।  

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories