• [WRITTEN BY : Editorial Team] PUBLISH DATE: ; 11 September, 2019 06:39 AM | Total Read Count 119
  • Tweet
हालात यहां तक आ पहुंचे

अर्थव्यवस्था में गिरावट बेरोक है। और इसकी सबसे बड़ी मिसाल ऑटोमोबिल सेक्टर ही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है। वाहन निर्माताओं के संगठन- सियाम- के मुताबिक अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई। एक साल पहले अगस्त में 2,87,198 वाहनों की बिक्री हुई थी। भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 यूनिट रह गई, जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थीं। इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 यूनिट रह गई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई। इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 22.33 प्रतिशत घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं। अगस्त में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38.71 प्रतिशत घटकर 51,897 वाहन रही। यानी सभी तरह के वाहनों की बात की जाए, तो अगस्त 2019 में कुल वाहन बिक्री 23.55 प्रतिशत घटकर 18,21,490 वाहन रह गई, जबकि एक साल पहले इसी माह में कुल 23,82,436 वाहनों की बिक्री हुई थी। अब स्थिति यह है कि ऑटो उद्योग में मंदी के चलते ट्रक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी अशोक लेलैंड ने अपने पांच प्लांट सितंबर के महीने में अलग-अलग दिन बंद रखने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक मांग में लगातार गिरावट के चलते ये फैसला किया गया है।

गौरतलब है कि अगस्त में ट्रकों की बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। देश के चार बड़े मध्यम और भारी व्यावसायिक वाहन निर्माता टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री बीते साल की तुलना में अगस्त में लगभग 60 फीसदी गिरकर 31,067 इकाई रही। दूसरी सबसे बड़ी ट्रक निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड की बिक्री 70 फीसदी घटकर 3,336 इकाई रह गई। ट्रक कंपनियां इन स्थितियों से निपटने के लिए उच्च टन (49 टन से अधिक) क्षमता वाले ट्रकों पर आठ-नौ लाख रुपये तक की भारी छूट दे रही हैं। फिर भी मांग बढ़ती हुई नहीं दिख रही है। ऐसे में अब कंपनियां त्योहारों के मौसम से आस लगाए बैठी हैं। मगर कुल अर्थव्यवस्था की हालत देखें तो इस उम्मीद के पूरा होने की उम्मीद कम ही है। 

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories