• [WRITTEN BY : Edit Team] PUBLISH DATE: ; 28 August, 2019 07:46 AM | Total Read Count 247
  • Tweet
बात आईएमएफ तक पहुंची

भारत के आंकड़ों पर ताजा सवाल आईएमएफ की तरफ से उठा है। भारत के खासकर आर्थिक आंकड़े कितने विश्वसनीय हैं, ये सवाल हाल में गहराता गया है। इस संदेह को बढ़ाने में खास योगदान नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम का भी है, जिन्होंने अपने अध्ययन से बताया कि भारत सरकार जीडीपी वृद्धि दर के जो आंकड़े बताती है, वह असल आंकड़ों से 2.5 फीसदी ज्यादा है। अब आईएमएफ ने कहा है कि 2018 में भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सदस्य देशों के लिए अनिवार्य विशेष डेटा प्रसार मानक (एसडीडीएस) के विभिन्न मानकों को पूरा करने में विफल रहा। आईएमएफ की ओर से जारी सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में भारत की ओर से विभिन्न श्रेणियों का डेटा जारी में कई देरी हुई। इससे पहले भी भारत में विभिन्न सरकारी संस्थानों से आंकड़े जारी करने में लगातार हो रही देरी पर सवाल उठाए गए थे। उदाहरण के लिए 2016 के बाद से नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े और 2015 के बाद से दुर्घटना संबंधित आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।

आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि हाल के समय में भारत द्वारा वित्तीय सहित कई डेटा जारी करने में कई अनियमितताएं आई हैं। आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की ओर से 2016 तक आंकड़े जारी करने में निरतंरता थी। लेकिन भारत 2017 और 2018 में विभिन्न श्रेणियों के डेटा जारी करने में विफल रहा। अनेक दूसरे विशेषज्ञों ने भी भारत की ओर से डेटा जारी करने में देरी पर चिंता जाहिर की है और कहा कि यह भारत सरकार की लापरवाही को दिखाता है। आईएमएफ ने विशेष डेटा प्रसार मानक यानी एसडीडीएस 1996 में बनाया था और भारत इसके शुरुआती हस्ताक्षरकर्त्ता देशों में से एक है। ये डेटा सदस्यों को डेटा में पारदर्शिता और वित्तीय बाजारों में सक्रिय सदस्यों को विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं पर पर्याप्त जानकारी मुहैया कराते हैं। आईएमएफ की सालाना अवलोकन रिपोर्ट सभी सदस्य देशों की ओर से आंकड़े जारी करने में अनियमितताओं और निरंतरता को रेखांकित करती है। आईएमएफ इस रिपोर्ट के लिए 20 डेटा श्रेणियों के लिए आंकड़े इकट्ठा करता है। 2018 में भारत ने 48 डेटा जारी नहीं किए। वहीं एडवांस रिलीज कैलेंडर में से डेटा की आठ श्रेणियां गायब हैं। जानकारों का कहना है कि पहले भी आंकड़ों को लेकर कुछ परेशानियां आती थीं, लेकिन इस तरह की देरी कभी नहीं देखी गई। दरअसल, यह मोदी सरकार की मौलिक उपलब्धि है।  

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories