• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 03 August, 2019 02:52 PM | Total Read Count 30
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शिक्षा में निवेश भारत को शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में पहुंचाएगा

नई दिल्ली। शीर्ष बिजनेस स्कूलों के थिंक-टैंक द्वारा जारी एक श्वेतपत्र में कहा गया है कि भारत को अगले 15 वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की है और उसे शिक्षा और मानव कौशल में प्रमुखता से निवेश करना चाहिए।

थिंक टैंक एवं देश के प्रमुख बी-स्कूलों के नेटवर्क ‘एमबीए यूनीवर्स डॉट कॉम’ ने भारतीय प्रबंधन कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण का आयोजन किया और इस अवसर पर उसने एक श्वेतपत्र भी जारी किया। श्वेतपत्र के अनुसार, भारत को अपनी जीडीपी को दुगुना करना होगा, जैसा कि 2000 और 2006 के बीच हुआ था, जब जीडीपी 476 अरब डॉलर से बढ़कर 949 अरब डॉलर हो गई थी। उस अवधि में प्रबंधन और इंजीनियरिंग शिक्षा में काफी उछाल देखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने से कौशल और रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। इससे भारत को सही मायनों में सेवा आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।

श्वेतपत्र के अनुसार इसके लिए सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) लक्ष्य 2025 तक 35 प्रतिशत और 2035 तक 50 प्रतिशत होना आवश्यक है, जो केवल चीन से मेल खाता है और अभी भी अमेरिका जीईआर का आधा है। श्वेतपत्र में कहा गया है कि जीईआर वृद्धि को बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालयों की संख्या, जो अभी 950 है, को 2025 तक 1200 से अधिक करने की आवश्यकता है।

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