• [WRITTEN BY : Mohan Kumar] PUBLISH DATE: ; 20 August, 2019 08:18 PM | Total Read Count 156
  • Tweet
फेसबुक—टवीटर के लिए भी आधार जरुरी!

फेसबुक—टवीटर जैसे सोशल नोटवर्किंग साइट चलाने के लिए भी आधार जरुरी हो सकता है। फिलहाल यह एक विवाद का विषय है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। हाल ही में तमिलनाडु सरकार द्वारा सुझाव दिया गया था कि फर्जी खबरों के प्रसार, मानहानि, अश्लील, राष्ट्र विरोधी एवं आतंकवाद से संबंधित सामग्री के प्रवाह को रोकने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट को उसके उपयोगकर्ताओं के आधार नंबर से जोडऩे की आवश्यकता है। 

फेसबुक इंक तमिलनाडु सरकार के हाल में दिए गए सुझाव का विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि आधार की संख्या को शेयर करने से यूजर्स की गोपनीयता नीति का उल्लंघन होगा। फेसबुक इंक के मुताबिक वह यूजर्स का डाटा किसी और के साथ शेयर नहीं कर सकता है। फेसबुक की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि ये निजता का मामला है। सिब्बल ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट सुने और आदेश जारी करें, क्योंकि यह वैश्विक मामला है।

हालांकि कुछ जानकारों की दलील है कि सोशल मीडिया एकाउंट को आधार से जोड़ने की बजाय मोबाइल नंबर का वेरिफेकिशन आधार के जरिए कराया जाना ठीक रहेगा क्योंकि कोई भी सोशल मीडिया साइटस पर एकाउंट खोलने के लिए मोबाइल नंबर चाहिए होता है। अगर मोबाइल आधार से कनेक्ट होगा तो सोशल मीडिया भी अपने आप आधार से कनेक्ट ही माना जाएगा। ऐसे में फर्जी खबरे और अफवाह फैलाने वाले लोगों को पकड़ना आसान रहेगा। 

गौर करने वाली बात यह है कि जो सोशल मीडिया वेबसाइट आधार से जोड़ने का विरोध कर रहे है और इसके लिए यूजर्स की निजता को वजह बता रही है वह खुद यूजर्स का डाटा दूसरी विज्ञापन कंपनियों को पैसे के लालच में बेच देती है। कई बार इन कंपनियों से यह डाटा चोरी भी हो जाता है। जिस तरह से आजकल अफवाहे इन सोशल साइटस के जरिए लाखों—करोड़ों लोगों तक तुरंत पहुंच जाती है और उससे दंगे भड़कने, नफरत फैलने आदि का डर बना रहता है। फेसबुक व्हाटसअप पर ऐसे लाखों यूजर है जो बिना सोचे समझे कोई भी वीडियो, खबरें को शेयर करने लगते हैं। उन्हें सच्चाई का भी पता नहीं होता और वह अफवाह फैलाने वालों का आसानी से शिकार बनते है। कश्मीर मामले में भी ऐसा काफी हो रहा है। भारत जैसे विविधता वाले देश में जहां कि अलग—अलग संप्रदाय, धर्म, जाति के लोग रहते हैं वह पर कोई भी भ्रामक संदेश सुरक्षा के लिए काफी चुनौती पैदा कर सकता है। ऐसे में लगता है कि इस मामले में कोई ऐसा फैसला आ सकता है जो कि इन सोशल मीडिया चलाने वाली कपंनियों का अच्छा न लगे। 

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories