• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 11 September, 2019 04:32 PM | Total Read Count 20
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युवा शक्ति नई खोज के लिए आगे बढ़ें: निशंक

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोरखरियाल ने बुधवार को कहा कि देश आज इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है जहां युवा राष्ट्र के रूप में क्षमता एवं युवा शक्ति के सार्थक उपयोग के लिये नवाचार सबसे बड़ी जरूरत है और सरकार इस दिशा में प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

निशंक ने कहा कि शैक्षिक नवाचारों का उद्भव स्वत नहीं होता बल्कि उन्हें खोजना पड़ता है तथा सुनियोजित तरीके से इन्हें प्रयोग में लाना होता है, ताकि बदलते माहौल में शैक्षिक कार्यक्रमों को गति मिल सके और परिवर्तन के साथ गहरा तारतम्य बनाये रखा जा सके। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की नवाचार इकाई की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि आपको मेहनत करनी होगी। आपने अपने आप को समर्पित कर दिया है, आपको अपना सौ प्रतिशत देना होगा, तभी आप जीवन में किसी भी तरह का नवाचार कर पाएंगे।

निशंक ने कहा कि शिक्षा की दिशा और दशा सुधारने के लिए नवाचार का उपयोग करने के लिए कृतसंकल्प आज पूरी दुनिया नवाचार या नवोन्मेष की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी कोई नया विचार ही नवाचार है और विश्व के सबसे युवा राष्ट्र के रूप में अपनी क्षमताओं के विकास के लिये नवाचार सबसे बड़ी जरूरत है।

मंत्री ने कहा कि आज देश इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। एक और हम विश्व के सबसे युवा राष्ट्र के रूप में अपनी क्षमताओं का विकास करने में लगे हैं वहीं दूसरी ओर हमें यह चिंता है कि हमारी युवाओं की शक्ति का उपयोग सार्थक और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में हों। निशंक ने कहा कि ऐसे में मुझे लगता है कि अगर नव भारत के निर्माण में किसी एक चीज की सबसे बड़ी जरूरत है तो वह नवाचार या इनोवेशन है। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु कई पहलों को लांच किया । कार्यक्रम में स्टूडेंट इंडक्शन पर आधारित कुलपतियों के सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।
निशंक ने कहा कि नवाचार की परिस्थितिया हर क्षेत्र में अलग अलग अर्थ बताती है, इनके प्रयोग के तरीके भी अलग अलग रूप में प्रयोग लाये जाते है सभी कार्य ऐसे होते है जो पहले कही न कही किसी न किसी के द्वारा पूर्व में किये जा चुके है परंतु आपने पूर्व में किये कार्य को यदि अपनी नई रचनात्मक शैली प्रदान की है तो यही प्रयास नवाचार बन जाता है।

उन्होंने कहा कि इसी श्रृंखला में मैं बताना चाहता हूं कि हमारा यह प्रयास है कि देश के सभी एनआईटी, आईआईटी और अन्य उत्कृष्ट संस्थानों में शोध को बढ़ावा देकर ऐसे उत्पादों का विकास किया जाए जो व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो और उन्हें बाजार में उतारा जा सके। इन उत्पादों से जहां हमारी शैक्षिक संस्थाओं की प्रतिभाएं निखर कर बाहर आएंगी, वहीं हम अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए रोजगार सृजन भी कर पाएंगे। इन कार्यक्रमों में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने भी हिस्सा लिया।

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