• [POSTED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 06 September, 2019 07:34 PM | Total Read Count 76
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मुंह के कैंसर से रहें सतर्क

शरीर के किसी भी हिस्से में शारीरिक बदलाव व्यक्ति आराम से पहचान लेता है लेकिन मुंह का खुद से परीक्षण लोग नहीं करते हैं। ये बहुत ज्यादा गलत चीज है, जो कि बहुत आवश्यक है। जैसे लोग शीशे में अपना मुंह देखते हैं ठीक उसी प्रकार से अपने मुहं के अन्दर भी देखें अपनी जीभ को देखें अपने दांतों को देखें गाल को देखें अपनी ऊँगली से महसूस करने का प्रयास करें। कोई भी बदलाव हो तो उसे नजरअंदाज न करें उसे नोट करें। दांत के डॉक्टर के पास जाकर सारी समस्याएं उसे बताएं। पान मसाला खाने से जो आनन्द प्राप्त होता है उसको सीखने की जरुरत हमें नहीं होती है। स्वभाव वश दूसरों को दिखाने के चक्कर में शुरू कर देते हैं। एक हफ्ते किसी को एक चीज का सेवन करा दिया जाये तो उसकी आदत पड़ जाती है। ओरल कैंसर में इसके शुरूआती दौर में आपको ऐसा लगता है कि मुंह में आपकी खाल सफ़ेद हो रही है, मुंह में लचीलापन खत्म हो गया है खाने पर आपके लगता है मुंह में कोई गाँठ पड़ गयी है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। 

कैसे होता है ओरल कैंसर-

  • स्मोकिंग-सिगरेट, सिगार, हुक्का, इन तीनों चीज़ों के आदी लोगों को एक नॉनस्मोकर के मुकाबले माउथ कैंसर होने का 6 फीसदी ज्यादा खतरा होता है।
  •  तंबाकू-माउथ कैंसर होने का खतरा तंबाकू सूंघने, खाने या चबाने वाले लोगों को उनकी तुलना में 50 फीसदी ज्यादा होता है, जो तंबाकू यूज़ नहीं करते। माउथ कैंसर आम तौर पर गाल, गम्स और होंठों में होते हैं।
  •  एल्कोहल-शराब पीने वालों को माउथ कैंसर होने का खतरा बाकी लोगों से 6 फीसद ज्यादा होता है।
  •  हिस्ट्री-जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को माउथ कैंसर रहा हो, ऐसे लोगों को इस कैंसर का ज्यादा खतरा होता है। ओरल कैंसर के कई कारण जैसे, तम्‍बाकू (तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला, पान, गुटखा) व शराब का अधिक तथा ओरल सेक्स व मुंह की साफ-सफाई ठीक से न करना आदि हैं। इसकी पहचान के लिये डॉक्टर होठों, ओरल कैविटी, फारनेक्स (मुंह के पीछे, चेहरा और गर्दन) में शारीरिक जांच कर किसी प्रकार की सूजन, धब्बे वाले टिश्यू व घाव आदि की जांच करता है। 

 

ओरल कैंसर के लक्षण

  • बिना किसी कारण नियमित बुखार आना।
  • थकान होना, सामान्‍य गतिविध करने से थक जाना।
  • गर्दन में किसी प्रकार की गांठ का होना।
  • ओरल कैंसर के कारण बिना कारण वजन का कम होता रहता है।
  • मुंह में हो रहे छाले या घाव जो कि भर ना रहे हों।
  • जबड़ों से रक्त का आना या जबड़ों में सूजन होना।
  • मुंह का कोई ऐसा क्षेत्र जिसका रंग बदल रहा हो।
  • गालों में लम्बे समय तक रहने वाली गांठ।
  • बिना किसी कारण लम्बे समय तक गले में सूजन होना।
  • मरीज की आवाज में बदलाव होना।
  • चबाने या निगलने में परेशानी होना।
  • जबड़े या होठों को घुमाने में परेशानी होना।
  • अनायास ही दांतों का गिरना।
  • दांत या जबड़ों के आसपास तेज दर्द होना।
  • मुंह में किसी प्रकार की जलन या दर्द।
  • ऐसा महसूस करना कि आपके गले में कुछ फंसा हुआ है।

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