• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 17 July, 2019 05:02 PM | Total Read Count 377
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नसों की कमजोरी – कारण, लक्षण और उपचार

नसों की कमजोरी कई कारणों से हो सकते हैं। यह आपके जीवनशैली, आहार में प्सोहक तत्वों की कमी, कुछ बिमारियों के कारण या नर्वस सिस्टम की कमोज्री के कारण हो सकता है। नसों की कमजोरी तंत्रिका संबंधी विकार है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। इस समस्या में प्रभावित नस से संबंधित शरीर का अंग ठीक से काम नहीं करता है या गतिहीन हो जाता है या वहाँ सुन्न जैसी स्थिति हो जाती है। कुछ लोगों के लिए यह समस्या थोड़े समय के लिए रहता है व कुछ समय बाद ठीक हो जाता है, पर कुछ लोगों को यह समस्या स्थायी रूप से हो जाती है। यह विकार गंभीर इसलिए भी है, क्योंकि यह कई मानसिक और शारीरिक तकलीफों का कारण बन सकता है, जैसे तनाव, बदन दर्द, अनिंद्रा व थकान आदि। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो इसके परिणाम घातक भी हो सकते हैं।

कुछ बीमारियों या पोषण की कमी या जीवनशैली से सम्बंधित समस्याओं के कारण नसों की कमजोरी या तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की कमजोरी हो सकती है। इसके परीक्षण के लिए लक्षणों की जाँच, ब्लड टेस्ट या नसों के टेस्ट का प्रयोग किया जाता है और इसका इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है।

नसों की कमजोरी के कारण

  • कुछ बीमारियों के कारण नसों में कमजोरी हो सकती है. जैसे मल्टीप्ल स्केलेरोसिस, गिल्लन बर्रे सिंड्रोम (एक ऐसा बीमारी जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली पेरिफेरल नसों को नुकसान पहुंचाती है), मायस्थीनिया ग्रेसिव (मांसपेशियों की कमजोरी व थकान की बीमारी), लुपस, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज जैसे ऑटो इम्यून डिजीज के कारण नसों में कमजोरी हो सकती है। मोटर न्यूरॉन बीमारी (दिमाग तक संकेत भेजने वाले नसों को प्रभावित करने वाले बीमारी) भी नसों के कमजोरी के कारण हो सकते हैं।
  • नसों पर दबाव के कारण, हड्डी बढ़ने के कारण या अन्य किसी भी कारण से नसों में दबाव आ जाता है तो इस कारण से भी नसें कमजोर हो सकती है।
  • नस या आसपास के उत्तक के ट्यूमर, जो नसों के उत्तक पर दबाव डालते हों या उन्हें नुकसान पाहुचाते हों, के कारण भी नसें कमजोर हो सकती हैं।
  • नसों के स्वास्थ्य या कार्य को प्रभावित करने वाले आनुवांशिक समस्या या नसों के बनावट व विकास को प्रभावित करने वाले जन्मजात समस्या या विषाक्त पदार्थ भी नसों के कमजोरी के कारण हो सकते हैं।
  • शुगर (मधुमेह) के कारण भी नसों में कमजोरी हो सकती है।
  • नसों पर विषाक्त पदार्थों का प्रभाव
  • अनियंत्रित जीवनशैली और खानपान

नसों की कमजोरी के लक्षण

  • चुभन या गुदगुदी की अनुभूति
  • चोट या दर्द
  • चिंता या डिप्रेशन
  • बिमारियों से लड़ने की क्षमता में कमी
  • मांसपेशियों की कमजोरी और थकावट
  • झटके लगना
  • ज्ञान संबंधी समस्याएं
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system)

नसों की कमजोरी के उपचार

  • आयुर्वेदिक तेल की मालिश नसों की कमजोरी के साथ-साथ कई बीमारियों का एक प्रसिद्ध उपचार है। इससे शरीर की नसों और मस्तिष्क को आराम मिलता है, जिससे आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।
  • सेंधा नमक का स्नान आमतौर पर मांसपेशियों के दर्द और सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है । यह खास नमक एंटीइंफ्लेमेटरी और हाई मैग्नीशियम तत्वों से समृद्ध होता है, जो नसों को कमजोरी से बचा सकता है
  • अश्वगंधा के कई फायदे हैं। यह तनाव से छुटकारा दिलाता है – जो नसों की कमजोरी का एक मुख्य कारण है
  • दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए वॉटर थेरेपी का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। नसों की कमजोरी के लिए पानी का इस प्रकार इस्तेमाल एक सटीक उपचार है। बारी-बारी से ठंडा और गर्म पानी शरीर पर डालने से कमजोर व क्षतिग्रस्त नसों को आराम मिलता है
  • नसों की कमजोरी से राहत पाने के लिए आप रोजाना कुछ देर धूप में बैठ सकते हैं। नसों की कमजोरी विटामिन-डी की कमी के कारण भी होती है और सूरज की किरणें विटामिन-डी का एक बड़ा स्रोत हैं, जो शरीर में विटामिन-डी की मात्रा को बढ़ाने का काम करती हैं

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