• [EDITED BY : Awdhesh Kumar] PUBLISH DATE: ; 02 September, 2019 08:49 PM | Total Read Count 18
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पंचांग 01 सितम्बर सोमवार

शुभ विक्रम संम्वत 2076  परिधावी नाम संवत्सर ,शाके:1941।मु.मास-  मुहर्रम 02,वर्षा ऋतू , भाद्रपद  मास शुक्ल पक्ष

शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 1 बजकर 54 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी। चतुर्थी तिथि मे अग्नि,विषादिक असद कार्य,शत्रु मर्दन,इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है| शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित है| चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान ,भाग्यवान ,पराक्रमी  होते है।

हस्त "शिप्र" संज्ञक नक्षत्र प्रातः 8 बजकर 33 मिनट तक तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र रहेगा| हस्त नक्षत्र मे यात्रा,विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य  इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। हस्त नक्षत्र मे जन्मा जातक मेघावी,विलासप्रिय ,धनवान, बुद्धिमान होता है| 

चन्द्रमा  सायं 7-24 तक कन्या राशि में तत्पश्चात तुला राशि में संचार करेगा|                                  

व्रतोत्सव - महागणपति चतुर्थी ,कलंक चतुर्थी  

राहुकाल - प्रातः 7.30 बजे से 9 बजे तक

गणेश स्थापना और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त ...मध्यान्ह काल का समय - दोपहर 11-11  से दोपहर 1-42 तक रहेगा|

गणेश जी की पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय - मध्यान्ह काल (वृश्चिक लग्न सहित ) दोपहर 11- 51 से दोपहर 1-42  तक रहेगा

चौघड़िया के अनुसार गणेश पूजन का समय - प्रातः 6:10  से 07:44 मिनट तक अमृत का  ,प्रातः 9-18 से पूर्वाह्न 10-52 तक  शुभ का  ,दोपहर 2-01 मिनट से सायंकाल 6-43 मिनट तक चर,लाभ,अमृत  के  चौघड़िया रहेंगे  जिसमे भगवान गणेश जी का पूजन किया जा सकता है।

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