• [WRITTEN BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 12 September, 2019 07:37 AM | Total Read Count 242
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अजित सिंह आगे क्या करेंगे?

राष्ट्रीय लोकदल के नेता चौधरी अजित सिंह पिछले तीन महीने से बियाबान में भटक रहे हैं। वैसे तो 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही उनकी और पार्टी की हालत पतली हो गई थी पर लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के गठबंधन में जगह मिल जाने के बाद लग रहा था कि उनकी पार्टी की वापसी हो सकती है। पर कांटे के मुकाबले में खुद अजित सिंह भी हार गए और उनके बेटे जयंत चौधरी को भी हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद से वे इधर उधऱ भटक रहे हैं। उनको अपने और बेटे दोनों के पुनर्वास की चिंता है। तभी कहा जा रहा है कि वे उत्तर प्रदेश की प्रादेशिक पार्टियों से ज्यादा भाजपा के साथ जाने के जुगाड़ में हैं। 

लंबे अरसे के बाद वे मंगलवार को सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रहे दिवंगत गोविंद वल्लभ पंत की जयंती के मौके पर मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह और अजित सिंह की मुलाकात भी हुई। इसके बाद कयासों का सिलसिला शुरू हो गया। ध्यान रहे अजित सिंह जब भी भाजपा के साथ रहे हैं उनको फायदा हुआ है और भाजपा के विरोध में लड़ने पर नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि भाजपा की ओर से उनको अपनी पार्टी का विलय भाजपा में करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अगर वे तैयार होते हैं तो पुनर्वास हो सकता है। 

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