• [EDITED BY : Devdutt Dubey] PUBLISH DATE: ; 20 July, 2019 08:06 PM | Total Read Count 145
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बड़बोले नेताओं के कारण भाजपा बैकफुट पर

देवदत्त दुबेः भले ही भाजपा प्रदेश में मजबूत विपक्षी दल के रूप में सदन से लेकर सड़क तक मौजूद है लेकिन पार्टी के ही नेताओं के बड़बोलेपन से बैकफुट पर आ रही है। शुक्रवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान पहली बार सत्ताधारी दल के सदस्यों ने हंगामा किया। पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने जिस तरह से भाषण दिए उससे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो ही गई है।

पार्टी की किरकिरी हो रही है। दरअसल किसी भी दल के नेताओं के व्यवहार से पार्टी की छवि बनती है। भाजपा दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, कुशाभाऊ ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेई, प्यारेलाल खंडेलवाल जैसे सौम्य, सरल एवं सहज व्यक्तित्व की तपस्या पर विस्तारित हुई लेकिन अधिकांश राज्यों और केंद्र सरकार में लगातार दूसरी बार सरकार बनने के बाद भाजपा नेता जिस तरह से बयानबाजी कर रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं उससे पार्टी विपक्षी दल पर आक्रामक होने की बजाय बैकफुट पर आ रही है।

बहरहाल भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह द्वारा जिस तरह से राजधानी भोपाल में सड़कों पर खून बहने की बयानबाजी की गई है उससे शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया और सुरेंद्रनाथ सिंह की गिरफ्तारी की मांग की। बाद में सुरेंद्रनाथ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया और पेश कर दिया जहां उन्हें मुचलके पर जमानत भी मिल गई लेकिन इस दौरान सड़क से लेकर सदन तक पार्टी की जमकर किरकिरी हो रही है।

सदन में प्रश्नकाल के दौरान सत्ताधारी दल द्वारा हंगामा करने की शायद पहली घटना हो। मंत्री विजयलक्ष्मी साधो का कहना था कि भाजपा की गुंडागर्दी नहीं चलेगी। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस पर अध्यक्ष से चर्चा की मांग की। उनके साथ कई मंत्री भी खड़े हो गए और नारे लगाने लगे। विधायकों ने अखबारों की कतरनें लहराई।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना था कि संगठन की जानकारी में बात आ चुकी है और संगठन इस पर फैसला करेगा लेकिन मामला शांत होने की बजाय उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेसी विधायक गिर्राज दंडोतिया ने भी विवादास्पद बयान देते हुए भाजपा नेताओं को चुनौती दी और कहा कि अगर यह खून बनाएंगे तो हम गर्दन काट देंगे।

उधर पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सुरेंद्रनाथ सिंह मामले को गंभीरता से लिया है और पार्टी नोटिस जारी कर सकती है। इस संबंध में राकेश सिंह ने शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चर्चा की है। इंदौर के विधायक आकाश विजयवर्गीय का मामला जैसे-तैसे शांत हो रहा था कि सुरेंद्रनाथ सिंह के भाषणों ने पार्टी को फिर से मुश्किल में डाल दिया है। सड़क से लेकर सदन तक पार्टी आक्रामक होने की बजाय बचाव की मुद्रा में आ गई है।

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