• [EDITED BY : Devdutt Dubey] PUBLISH DATE: ; 12 July, 2019 02:04 PM | Total Read Count 421
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सिंधिया की सक्रियता से कांग्रेस में बनी सनसनी

देवदत्त दुबेः गुरुवार को राजधानी में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दिनभर सक्रिय रहे। विधानसभा गए, पत्रकारों से मिले, मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ लंच किया और रात में मंत्री तुलसी सिलावट के यहां मंत्रियों के साथ डिनर किया। सिंधिया की सक्रियता ने कांग्रेस पार्टी में सनसनी भर दी। दरअसल जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तब से भाजपा नेता सरकार को लूली-लंगड़ी और कभी भी गिर जाने वाली सरकार निरूपित करते रहे।

यहां तक कि विधानसभा सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट कराने की भी चर्चाएं चली और कांग्रेस और भाजपा ने पूरी ताकत विधायकों की विधानसभा में उपस्थिति होने पर लगाई। दोनों ही ओर से तैयारियां की गई थीं। कांग्रेस जहां हर परिस्थिति में सदन के अंदर बहुमत सिद्ध करने की तैयारी किए हुए है वहीं भाजपा मौके की तलाश में है। ऐसे में कांग्रेस में एकजुटता दिखाने ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार कायम रहेगी। पूरी पार्टी, विधायक और मंत्री एकजुट हैं। बहरहाल सिंधिया के दौरे से मध्यप्रदेश की राजनीति में नए सिरे से समीकरण बनने की संभावनाएं बढ़ गईं क्योंकि सिंधिया ने पहली बार मध्यप्रदेश विधानसभा में कदम रखा और सदन की कार्रवाई देखी। जिस समय सिंधिया अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे थे उस समय कांग्रेस के विधायक और मंत्री उनके पास अभिवादन करने पहुंच रहे थे।

कुछ वैसा ही दृश्य उपस्थित हुआ था जब मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उमा भारती विधानसभा पहुंची थीं और उनके समर्थक विधायक लाइन लगाकर उनका अभिवादन कर रहे थे।

सिंधिया के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्हें भाजपा के लिए जहां कांग्रेस की एकजुटता दिखानी थी वहीं कांग्रेस के लिए भी यह दिखाना था कि उनके समर्थक विधायक और मंत्री उनके साथ हैं क्योंकि बीच में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा चल पड़ी थी कि एक-एक करके सिंधिया और दिग्विजय समर्थक विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री कमलनाथ से जुड़ने लगे हैं क्योंकि विधायक और मंत्रियों को अपने काम कराने हैं।

क्षेत्र में तो मुख्यमंत्री के साथ उन्हें समन्वय में बनाना जरूरी था। मंत्रियों के लिए तो मंत्रिमंडल विस्तार के समय अपना मंत्री पद बचाना बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि विभिन्न गुटों के विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ अंदरूनी तौर पर जुड़ने लगे हैं। कुल मिलाकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे से भले ही कोई बड़ी उठापटक नहीं हुई हो, लेकिन कांग्रेस के लिए एकता का संदेश देने और स्वयं सिंधिया के लिए अपने शक्ति प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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