• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 12 July, 2019 12:18 PM | Total Read Count 32
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अयोध्या मामले पर होगी रोजाना सुनवाई!

नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि, बाबरी मस्जिद की विवादित जमीन से जुड़े मामले की जल्दी सुनवाई के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति से रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद से जुड़े सभी पक्षों से बात करके समस्या को सद्भावपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए तीन सदस्यों की एक मध्यस्थता समिति बनाई है। अदालत ने समिति को 15 अगस्त तक का समय दिया है। अदालत ने इस मामले में ताजा रिपोर्ट मांगी है।

अदालत ने गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए एक सप्ताह के अंदर ताजा स्थिति रिपोर्ट मांगी है और साथ ही यह भी साफ किया है कि अगर यह विवादित मामला सद्भावपूर्ण तरीके से हल नहीं हुआ तो वह 25 जुलाई से रोजाना आधार पर इसकी सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यों की संविधान पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला से 18 जुलाई तक स्थिति रिपोर्ट सौंप देने का अनुरोध किया। साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि वह अगला आदेश भी 18 जुलाई को ही देगी।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कलीफुल्ला तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष हैं। संविधान पीठ ने कहा कि ताजा स्थिति रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अगर उसे लगेगा कि मध्यस्थता प्रक्रिया विफल रही तब मुख्य अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई 25 जुलाई से दिन प्रतिदिन के आधार पर की जएगी। पीठ में जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नजीर भी शामिल हैं।

पीठ ने कहा- हम समझते हैं कि जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला से यह अनुरोध करना उचित है कि वे अभी तक की मध्यस्थता प्रक्रिया के बारे में हमें सूचित करें और साथ ही यह भी बताएं कि प्रकिया अभी किस स्तर पर है। पीठ ने कहा- जस्टिस कलीफुल्ला अगले गुरुवार तक यह रिपोर्ट सौंपेंगे। इसी दिन अगला आदेश पारित किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक मूल वादी के कानूनी उत्तराधिकारी गोपाल सिंह विशारद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

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