• [EDITED BY : Dr Ved Pratap Vaidik] PUBLISH DATE: ; 18 July, 2019 06:16 AM | Total Read Count 280
  • Tweet
भारतीय भाषाओं की विजय

तमिलनाडु के राज्यसभा सदस्यों को मैं हार्दिक बधाई देता हूं कि उन्होंने राज्यसभा का काम ठप्प करवाकर सारी भारतीय भाषाओं को मान्यता दिलवाई। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की सराहना करनी होगी कि उन्होंने तत्काल फैसला करके तमिल ही नहीं, सभी भाषाओं के द्वार खोल दिए। तमिलनाडु में 14 जुलाई को पोस्ट आफिसों में भर्ती के लिए कुछ परीक्षाएं हुईं। उनका माध्यम सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी रखा गया। 

तमिलनाडु में कोई आदमी पोस्ट आफिस का कर्मचारी बने और वह तमिल न जाने तो वह किस काम का है ? यही बात देश के सभी प्रांतों पर लागू होती है। उन्हें एक अखिल भारतीय भाषा के साथ-साथ प्रांतीय भाषा भी आनी चाहिए। याने अखिल भारतीय भाषा का कामचलाऊ ज्ञान हो और प्रांतीय भाषा इस लायक आए कि उसमें ही वे अपनी भर्ती परीक्षा दे सकें । इस नियम को तमिलनाडु में उलट दिया गया था। इसी बात पर द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने राज्यसभा में हंगामा खड़ा कर दिया था। जब मैंने अब से 54 साल पहले इंडियन स्कूल आॅफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में अपना पीएच.डी. का शोधग्रंथ हिंदी में लिखने की मांग की थी तो द्रमुक के नेता अन्नादुरई और के. मनोहरन ने लोकसभा ठप्प कर दी थी। तब डाॅ. लोहिया ने उन्हें समझाया था कि वैदिक सिर्फ हिंदी में लिखने की मांग नहीं कर रहा है, वह सभी भारतीय भाषाओं के दरवाजे खुलवाना चाहता है। 

अन्नादुरईजी घनघोर हिंदी- विरोधी थे लेकिन उनसे मिलकर मैंने उन्हें अपना दृष्टिकोण समझाया तो वे काफी नरम पड़ गए। आज उनके शिष्यों ने पोस्ट आफिस की भर्ती परीक्षा में तमिल माध्यम की मांग करके समस्त भारतीय भाषाओं के दरवाजे खुलवा दिए हैं। 14 जुलाई को हुई भर्ती—परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बहुत पहले से हम मांग करते रहे हैं कि ससंद में सभी भारतीय भाषाओं में बोलने और संघ लोकसेवा आयोग में परीक्षाएं देने की अनुमति होनी चाहिए। यह काम तो शुरु हो गया है लेकिन अभी भी देश की न्यायपालिका पिछड़ी हुई है। उसका लगभग सारा काम अब भी अंग्रेजी में ही होता है। राष्ट्रपतिजी की पहल पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसलों का संक्षिप्त हिंदी अनुवाद करना शुरु कर दिया है, जो कि अच्छी शुरुआत है लेकिन यह काफी नहीं है। समस्त भारतीय भाषाओं को हर क्षेत्र में उनका उचित स्थान मिलने लगे तो हिंदी अपने आप सर्वभाषा बन जाएगी। 

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories