• [POSTED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 29 August, 2019 03:43 PM | Total Read Count 24
  • Tweet
डिजास्टर मैनेजमेंट में करियर

लगभग हर साल हमें कई प्राकृतिक और मानवीय आपदाएं देखने को मिलती है जिनमें बाढ़, भूकंप, ओलावृष्टि, बारिश, ज्वालामुखी, आगजनी जैसी घटनाएं आती है, हर साल हमें इन घटनाओं के बारे में देखने-सुनने को मिलता है। इन्ही आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन या डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े पेशेवरों की जरूरत पड़ती है। आज आपदा प्रबंधन में करियर की कई संभावनाएं मौजूद है। अगर आप भी समाज कल्याण कर पीड़ित लोगों की मदद करना चाहते है तो आपदा प्रबंधन आपके लिए एक अच्छा करियर ऑप्शन हो सकता है। इस कोर्स में प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ने को रोकने और उनसे होने वाली समस्याओं से निपटने के बारे में बताया जाता है। डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स को किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए ट्रेंड किया जाता है।

क्या करते है आपदा प्रबंधक

इस पेशे से जुड़े लोगों को समय रहते आपदा के शिकार लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना होता है इसके अलावा उन्हें वापस मुख्य धारा से जोड़ना होता है। इस काम के लिए केंद्र और राज्य की सरकारें फंड मुहैया करवाती है। इसके अलावा विभिन्न विभाग के मंत्रालय भी आपदा के लिए मदद करती है। आपदा के वक्त ऐसे पेशेवर बहुत ही जरूरी होते है, ये लोग आपदा पीड़ितो तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने और उन्हें जरूरी ट्रेनिंग देने का काम करते है। ये लोग पीड़ितों को खाना वितरित करने और घायलों के उपचार की व्यवस्था भी करते है।

यहां से करें कोर्स-

एक समय था जब डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए देश से बाहर जाना पड़ता था लेकिन अब हमारे देश में ही कई ऐसे विश्वविद्यालय है जो डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई करवाने लगे है। डिजास्टर मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा से लेकर डिग्री लेवल के कई कोर्स करवाएं जाते है। कुछ यूनिवर्सिटी डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से भी इसके कोर्स करवाती है। इस संस्थानों से कर सकते है कोर्स-

  • इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी, दार्जिलिंग
  • इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मद्रास यूनिवर्सिटी, चेन्नई
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली
  • सेंटर फॉर सिविल डिफेंस कॉलेज, नागपुर
  • सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट, पुणे
  • डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, भोपाल

डिजास्टर मैनेजमेंट में डिप्लोमा 1 साल का डिप्लोमा लेवल प्रोग्राम है। इस कार्यक्रम में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्रासंगिक अनुशासन में 10 + 2 या स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। 10 वीं या 12 वीं के बाद कोई भी इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकता है। इस पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने की औसत फीस INR 6,000 से 80,000 तक है।

क्या पढ़ाया जाता है इस कोर्स में-

आपदा प्रबंधन के कोर्स में रिस्क असेसमेंट एंड प्रिवेंटिव स्ट्रैटजीज, लेजिस्लेटिव स्ट्रक्चर्स फॉर कंट्रोल ऑफ डिजास्टर मिटिगेशन, ऐप्लिकेशन ऑफ जीआईएस इन डिजास्टर मैनेजमेंट, रेस्क्यू जैसे विषयों को इसके अंतर्गत पढ़ाया जाता है। इसके अलावा आप इसकी अलग-अलग फिल्ड में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते है जैसे- माइनिंग, केमिकल डिजास्टर और टेक्निकल डिजास्टर आदि में।

अपॉर्च्युनिटी और इनकम

आपदा प्रबंधन में कई करियर ऑपर्चुनिटी है जैसे सरकारी नौकरी, आपातकालीन सेवा, रिलीफ एजेंसीज, एनजीओ और यूएनओ में आपको जॉब मिल सकती है। इसके अलावा कई प्राइवेट सेक्टर में भी आपको जॉब मिल सकती है जैसे केमिकल, माइनिंग, पेट्रोलियम जैसी रिस्क इंडस्ट्रीज में भी आपको जॉब मिल सकती है। आपदा प्रबंधन में डिप्लोमा करने के लिए छात्रों को दी जाने वाली औसत सैलरी INR 2,00,000 से INR 6,00,000 प्रति वर्ष है। इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले छात्रों को निश्चित रूप से उच्च वेतन के साथ नौकरी मिलती है। यह इस कोर्स को एक के करियर विकल्प के रूप में चुन सकता है क्योंकि यह आशाजनक है और चुनने के लिए उम्मीदवारों के सामने बहुत सारे अवसर हैं।

 

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

Categories