• [EDITED BY : News Desk] PUBLISH DATE: ; 25 June, 2019 02:06 PM | Total Read Count 20
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निर्यात पर आधारित वृद्धि भारत में अच्छी नौकरियों के लिए बहुत अहम

संयुक्त राष्ट्र। प्रमुख अर्थशास्त्री अरविन्द पनगढ़िया ने कहा है कि निर्यात पर आधारित वृद्धि देश में अच्छी नौकरियों के सृजन के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों को अच्छी नौकरियां देने के लिए जरूरी है कि देश की आर्थिक वृद्धि कम-से-कम 8-10 प्रतिशत की दर से हो। पनगढ़िया ने कहा कि व्यापार की वृद्धि के लिए देश की अर्थव्यवस्था को अधिक उदार बनाना आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि अरविन्द पनगढ़िया जनवरी 2015 से अगस्त 2017 के मध्य ‘नीति आयोग’ के पहले उपाध्यक्ष रह चुके हैं। पनगढ़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'नयी सरकार की आर्थिक प्राथमिकताएं' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा के दौरान कहा, 'हमें निर्यात पर आधारित देश बनना होगा।'

कोलंबिया विश्वविद्यालय में ‘राज सेंटर ऑन इंडियन इकोनॉमिक पॉलिसीज’ के निदेशक पनगढ़िया ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2003-04 के बाद पिछले 15 साल में सात प्रतिशत से अधिक की 'बहुत प्रभावी' दर आगे बढ़ी है। मोदी के पिछले पांच साल के पहले कार्यकाल में आर्थिक वृद्धि की दर करीब 7.5 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा, 'लेकिन अच्छी नौकरियां देने के लिए 8-10 प्रतिशत की वृद्धि आवश्यक है। अच्छे रोजगार के लिए निर्यात पर आधारित वृद्धि भी बहुत जरूरी है।' पनगढ़िया ने कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि भारत की समस्या बेरोजगारी नहीं बल्कि कम वेतन है।

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