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मुसलमानों से नाइंसाफी नहीं: गडकरी

नागपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में भाजपा की रैली में नागरिकता कानून को लेकर देश के मुसलमानों को भरोसा दिलाया तो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक रैली में उसी अंदाज में मुसलमानों को भरोसा दिलाया। गडकरी ने शनिवार को हुई रैली में कहा कि नागरिकता कानून भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि नया कानून लाकर एनडीए सरकार मुसलमानों के साथ कोई नाइंसाफी नहीं कर रही है। गडकरी ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए दुष्प्रचार करने का भी आरोप लगाया। नागरिकता कानून के समर्थन में निकाली गई रैली को संबोधित करते हुए गडकरी ने मुसलमानों को भरोसा दिलाया। इस रैली का आयोजन एक स्थानीय संगठन ने किया, जिसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का समर्थन प्राप्त है। गडकरी ने कहा- अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को इंसाफ देने के लिए सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। हम मुसलमानों को देश से बाहर भेजने की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की एकमात्र चिंता देश में रह रहे विदेशी घुसपैठियों की है। मंत्री ने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि कांग्रेस उनके विकास में मदद… Continue reading मुसलमानों से नाइंसाफी नहीं: गडकरी

इस आंदोलन से मोदी-शाह के मजे!

उन्नीस जनवरी को नागरिकता कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश के शहरों, देश के विभिन्न महानगरों में जो विरोध, प्रदर्शन, आंदोलन हुआ वह विपक्ष के लिए आत्मघाती है। बतौर प्रमाण उस शाम योगी आदित्यनाथ का हुंकारा था कि उपद्रवियों को देख लेंगे। उनके चेहरे वीडियो में रिकार्डेड हैं। जो नुकसान हुआ है वह उनसे वसूलेंगे। मतलब मुख्यमंत्री के चेहरे पर घबराहट, परेशानी, कानून-व्यवस्था बिगड़ने का गम नहीं था, पुलिस पर गुस्सा नहीं था, बल्कि उपद्रवियों को मजा चखाने का निश्चय था। अब यह बताने की जरूरत नहीं है कि लखनऊ या संभल जैसे शहरों में उस दिन जो उपद्रव हुआ तो भीड़ का इलाका और चेहरे कौन थे? और ध्यान रहे योगी की तरह टीवी पर ऐसे असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कड़ा रूख नहीं दर्शाया जबकि असम में हिंसा भी हुई, लोग भी मरे, भाजपा विधायकों-मंत्रियों के घर पत्थर फेंके गए और कई इलाकों में सब कुछ ठप्प है! सो, नागरिकता कानून पर अखाड़ा सज गया है। एक तरफ सेकुलर, उसका झंडाबरदबार विपक्ष और मुसलमान है तो दूसरी और वे मोदी-शाह-योगी हैं, जिनसे हिंदू घरों में मैसेज गया है कि देखो-देखो विरोध-प्रदर्शन करने वालों के चेहरों को, उनके पहनावे को। ये मुसलमान हैं, जिहादी, अलगाववादी-माओवादी हैं। जाहिर है जो है… Continue reading इस आंदोलन से मोदी-शाह के मजे!

संविधान की लड़ाई का मुगालता

कांग्रेस पार्टी ने अपने मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे नागरिकता कानून के विरोध में सड़क पर उतरें और प्रदर्शन करें। सो, उसके मुख्यमंत्री 28 दिसंबर को संविधान बचाओ मार्च कर रहे हैं। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं है, जिसको यह मुगालता है कि केंद्र सरकार के हिंदुवादी राष्ट्रवाद के एजेंडे को वह संविधान बचाने के नाम पर काउंटर कर लेगी। कांग्रेस की तरह समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, वामपंथी पार्टियां, डीएमके आदि सबको यह भ्रम है कि संविधान बचाने के नाम पर देश की जनता उनके साथ खड़ी होगी और भाजपा के एजेंडे को फेल कर देगी। इससे जाहिर हो रहा है कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी से लेकर तमाम प्रादेशिक क्षत्रपों की नजदीकी और दूर की नजर दोनों खराब हो गए हैं। वे न तो निकट भविष्य का खतरा बूझ पा रहे हैं और भविष्य में आने वाली चुनौती को देख पा रहे हैं। यहीं कारण है कि ऐसे समय में भी बहुजन समाज पार्टी को लग रहा है कि उसे कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहिए। सपा को लग रहा है कि उसको बसपा के साथ नहीं जाना चाहिए। सीपीएम और सीपीआई को लग रहा है कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के साथ… Continue reading संविधान की लड़ाई का मुगालता

यूपी के कई जिलों में बवाल, छह मरे

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ झड़प में कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी वहीं राष्ट्रीय राजधानी में भी हजारों लोगों ने रैलियां निकालीं तथा शाम होते होते यहां भी हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गये जिसके बाद पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। कई राज्यों में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं जिसके बाद सरकार ने इस तरह का संकेत दिया है कि वह इस संबंध में सुझावों पर विचार करने को तैयार है। दिल्ली के दरियागंज इलाके में प्रदर्शनकारियों ने एक कार को आग के हवाले कर दिया तथा सुरक्षा बलों पर पथराव किया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भीड़ पर पानी की बौछार की और लाठी चार्ज किया।दिल्ली, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और कर्नाटक-केरल के सीमावर्ती इलाकों से छिटपुट हिंसा की खबरें हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहरों, कर्नाटक के कुछ शहरों एवं राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट तथा एसएमएस सेवाओं पर रोक लगा दी गयी है। हालांकि दिल्ली में कुछ लोगों ने पुलिस को गुलाब का फूल भेंट कर शांति का संदेश देने का प्रयास किया। संवेदनशील क्षेत्रों में… Continue reading यूपी के कई जिलों में बवाल, छह मरे

सवाल पुलिस के रवैये का

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका पर कई गहरे सवाल उठे हैं। दिल्ली के जामिया मिल्लिया में विशेष रूप से दिल्ली पुलिस के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने और सख्ती से पेश आने के आरोप लगे। अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जामिया से भी पहले विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। वहां से भी पुलिस के लाठीचार्ज करने और आंसू गैस का प्रयोग करने की खबरें आई थीं। बताया जा रहा है कि वहां पुलिस कार्रवाई में कम से कम 60 लोग घायल हुए। पूर्वोत्तर के राज्यों में भी प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए पुलिस की ओर से अत्यधिक बल-प्रयोग किया गया। बताया जाता है कि वहां पुलिस ने गोलियां भी चलाईं। दिल्ली के ही सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि जामिया में पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए जिन छात्रों को लाया गया, उनमें से दो के शरीर पर गोली लगने के घाव हैं। दिल्ली पुलिस ने इससे पहले गोली चलाने के आरोपों से साफ इंकार कर दिया था। उधर दिल्ली पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में भी लिया, पर उनमें से एक भी छात्र नहीं निकला। इस से सवाल यह उठ रहा है कि… Continue reading सवाल पुलिस के रवैये का

पीड़ित कौन, अल्पसंख्यक कौन?

जैसा असम, त्रिपुरा और बंगाल की घटनाओं ने फिर दिखाया – भारत में हिन्दू समाज बहुसंख्यक की तरह न रहता है, न सोचता है। नागरिकता कानून पर सब से पहला विरोध उन्होंने ही किया। यह कोई अपवाद घटना नहीं है। महाराष्ट्र में शिव सेना ने भी इस का विरोध किया, जो भाजपा से भी प्रखर हिन्दूवादी मानी जाती रही है। यह भी नोट करना चाहिए कि कांग्रेस, सपा, बसपा, कम्युनिस्ट पार्टियाँ भी मूलतः हिन्दुओं से भरी पार्टियाँ हैं। उन में कहने को इक्का-दुक्का मुसलमान हैं। मजे की बात कि इस विडंबना को एक बार स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने भी नोट किया। बाल पाटिल तथा अन्य बनाम भारत सरकार (2005) मामले में निर्णय देते हुए न्यायाधीशों ने स्पष्ट लिखा, “ ‘हिन्दू’ शब्द से भारत में रहने वाले विभिन्न प्रकार के समुदायों का बोध होता है। यदि आप हिन्दू कहलाने वाला कोई व्यक्ति ढूँढना चाहें तो वह नहीं मिलेगा। … भारतीय समाज में लोगों का कोई हिस्सा या समूह बहुसंख्यक होने का दावा नहीं कर सकता। हिन्दुओं में सभी अल्पसंख्यक हैं।”  मगर दुर्भाग्य! सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अल्पसंख्यक के लिए कुछ न किया। यह कोई बढ़ा-चढ़ा कर कही बात नहीं। बल्कि गंभीर सचाई है हिन्दू न केवल दुनिया में, बल्कि भारत… Continue reading पीड़ित कौन, अल्पसंख्यक कौन?

दिल्ली में कश्मीर जैसे हालात

नई दिल्ली। गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हालात कश्मीर जैसे बन गए। कई इलाकों में इंटरनेट बंद करना पड़ा और 20 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन करीब पूरे दिन बंद रहे। कई इलाकों में सड़कें बंद रहीं और लोग जाम में फंसे रहे। दिल्ली-गुड़गांव हाईवे पर गुरुवार को दस किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। नागरिकता कानून के विरोध में उतरे लोगों की जगह जगह पर पुलिस के साथ झड़प हुई और लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली में लाल किला, जामिया नगर, मंडी हाउस सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। इसकी वजह से राजीव चौक, मंडी हाउस सहित 20 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े। कई इलाकों में फोन, एसएमएस और इंटरनेट सेवाएं भी बंद करवा दी गईं। मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों ने बताया कि सरकार के निर्देश पर उन्होंने सेवा स्थगित की है। हाल के दिनों में यह संभवतः पहली बार हुआ है कि राष्ट्रीय राजधानी में संचार सेवाओं पर पाबंदी लगानी पड़ी। इससे पहले कश्मीर, असम, त्रिपुरा आदि जगहों पर संचार सेवाओं पर पाबंदी की खबरें थीं। गुरुवार को होने वाले प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली में लाल किला क्षेत्र के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई थी। निषेधाज्ञा का… Continue reading दिल्ली में कश्मीर जैसे हालात

अमित शाह ने बुलाई आपात बैठक

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार की शाम को एक आपात बैठक बुलाई। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अमित शाह के अलावा इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल भी शामिल हुए। इनके अलावा बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और नित्यानंद राय भी शामिल हुए। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी बैठक में शामिल हुए। उन्होंने और दूसरे अधिकारियों ने गुरुवार को देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा हालात के बारे में गृह मंत्री को जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। गौरतलब है कि नागरिकता कानून के विरोध में देश के हर हिस्से में गुरुवार को आंदोल हुए। वामपंथी पार्टियों ने गुरुवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। बहरहाल, इससे पहले, बुधवार शाम को प्रशासन ने दिल्ली, लखनऊ और बेंगलुरू में प्रदर्शन की इजाज़त देने से इनकार कर दिया था, जबकि मुंबई, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, नागपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता और भोपाल में प्रदर्शनों पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी। वहीं, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नागरिकता… Continue reading अमित शाह ने बुलाई आपात बैठक

अगस्त क्रांति मैदान में जुटे हजारों लोग

मुंबई। नागरिकता कानून के विरोध में देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में गुरुवार की शाम को हजारों लोग सड़क पर उतरे। करीब 70 संगठनों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में हुए इस प्रदर्शन में कई फिल्मी सितारों और फिल्मकारों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने पूरे प्रदर्शन को अराजनीतिक बनाए रखा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शिक्षण संस्थानों में और छात्रों के ऊपर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। इस प्रदर्शन को कांग्रेस, एनसीपी, समाजवादी पार्टी आदि ने समर्थन दिया था। नागरिकता कानून के खिलाफ सोशल मीडिया में अभियान चला रहे अभिनेता खुले में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। फिल्म अभिनेता फरहान अख्तर, अभिनेत्री स्वरा भास्कर, फिल्मकार अनुराग कश्यप, कबीर खान जैसी फिल्मी हस्तियां गुरुवार के प्रदर्शन में शामिल हुईं। इससे पहले फरहान अख्तर ने कहा था कि वे संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरेंगे, क्योंकि सिर्फ सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करने का वक्त अब निकल चुका है। इसके आयोजकों ने मैदान में लगे सभी राजनीतिक झंडों को हटवा दिया था। प्रदर्शन को देखते हुए अगस्त क्रांति मैदान के आसपास की सभी दुकानों को बंद करवाया गया, ट्रैफिक भी डाइवर्ट कर दिया गया। मुंबई… Continue reading अगस्त क्रांति मैदान में जुटे हजारों लोग

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