अजित पवार ने मुंबई में आंबेडकर स्मारक के कार्यों की समीक्षा की

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार बृहस्पतिवार को डॉ. बी आर आंबेडकर के स्मारक पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए इंदु मिल परिसर पहुंचे। राकांपा नेता ने दादर इलाके में इंदु मिल परिसर के दौरे के पहले यहां चैत्यभूमि में संविधान निर्माता आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी दी। पवार ने बाद में ट्वीट किया इंदु मिल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के कार्यों की समीक्षा की। इसे भी पढ़ें : उद्धव सरकार में भाई भतीजों की भरमार! संबंधित अधिकारियों को भविष्य के कार्यों के संबंध में निर्देश दिया। सुरक्षा पहलुओं समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने कहा था कि स्मारक का काम 2020 तक पूरा हो जाएगा। उस समय विपक्षी राकांपा और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि स्मारक का काम धीमी गति से चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2015 में स्मारक की आधारशिला रखी थी।

महाराष्ट्र: अजित पवार फिर बने उपमुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में आज मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने एक बार फिर उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

अस्थिरता की चिंता में अजित पवार का नाम

महाराष्ट्र में यह तय हो गया है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे अजित पवार एक बार फिर राज्य के उप मुख्यमंत्री बनेंगे। यह सबके लिए हैरानी की बात है कि आखिर क्यों उनको उप मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में बेटे को मैदान में उतारने के समय शरद पवार से विवाद हुआ था।

अजित पवार बनेंगे उप मुख्यमंत्री

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एनसीपी के नेता अजित पवार एक बार फिर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इस बार वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार में शपथ ग्रहण करेंगे। एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार इसी 30 दिसंबर को उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ लेंगे। बताया जा रहा है कि 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपनी सरकार का पहला विस्तार करेंगे। बहरहाल, इससे पहले अजित पवार ने भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस के साथ डिप्टी मुख्यमंत्री पद शपथ ली थी। हालांकि भाजपा की वह सरकार 80 घंटे से ज्यादा तक नहीं टिक सकी और सरकार गिर गई। उस वक्त अजित पवार बहुमत हासिल करने के लिए जरूरी संख्या में एनसीपी विधायकों को भाजपा के साथ लाने में सफल नहीं हुए थे। इसी वजह से फड़नवीस को इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में अजित पवार फिर लौट कर अपने चाचा के खेमे वाली एनसीपी में आ गए थे। इस बीच उनके ऊपर चल रहे कई मुकदमों में भी उनको क्लीन चिट मिल गई और अब वे फिर से उप मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

महाराष्ट्र में विभागों का बंटवारा

मुंबई। महाराष्ट्र में शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस की साझा सरकार बनने के करीब तीन हफ्ते बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हो गया। हालांकि अभी सिर्फ छह मंत्रियों के साथ सरकार काम कर रही है और मंत्रिमंडल का विस्तार विधानसभा सत्र के बाद किया जाना है। बहरहाल, गुरुवार को हुए विभागों के बंटवारे में शिव सेना के एकनाथ शिंदे को गृह विभाग मिला है। एनसीपी के नेता जयंत पाटिल वित्त मंत्रालय संभालेंगे। कांग्रेस के बाला साहेब थोराट को राजस्व मंत्रालय का जिम्मा मिला है। गौरतलब है कि सरकार बनने के बाद से तीनों पार्टियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर माथापच्ची चल रही थी। इस पर बुधवार को फैसला हुआ, जिसका ऐलान गुरुवार को किया गया। इस बंटवारे के मुताबिक एनसीपी के छगन भुजबल को जल संपदा और ग्राम विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। शिव सेना कोटे से मंत्री बने सुभाष देसाई के पास उद्योग और खेल महकमा रहेगा। कांग्रेस के नितिन राउत को पीडब्लुडी का महकमा मिला है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को शिवाजी पार्क में बड़े ही धूमधाम से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री के साथ छह मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। शिव सेना, एनसीपी और… Continue reading महाराष्ट्र में विभागों का बंटवारा

अजित पवार को क्लीन चिट किसने दिलाई?

यह यक्ष प्रश्न की तरह सवाल हो गया है कि एनसीपी के नेता अजित पवार को सिंचाई घोटाले में क्लीन चिट किसने दिलाई है? उनको क्लीन चिट देने वाला पहला हलफनामा जिस दिन हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में दायर किया गया उस दिन राज्य में देवेंद्र फड़नवीस कार्यवाहक मुख्यमंत्री थे।

कांग्रेस नेता सुप्रिया को बना रहे हैं उत्तराधिकारी

महाराष्ट्र में एक महीने तक चले राजनीतिक ड्रामे का एक पहलू तो भाजपा-शिव सेना का तालमेल टूटने और कांग्रेस, एनसीपी के साथ मिल कर शिव सेना का सरकार बनाना है। इसक पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू एनसीपी की राजनीति है। इसने एनसीपी के अंदर का विभाजन सामने ला दिया।

सबने कुछ न कुछ समझौता किया है!

महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार बनने के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन की तीन पार्टियों में से हर पार्टी किसी न किसी वजह से किसी न किसी के निशाने पर है। किसी के निशाने पर हिंदुत्व का विचार छोड़ने के लिए उद्धव ठाकरे हैं तो धर्मनिरपेक्षता का विचार छोड़ने के लिए किसी के निशाने पर कांग्रेस और एनसीपी हैं।

आज नहीं लूंगा मंत्री पद की शपथ: अजित पवार

राकांपा नेता अजित पवार ने कहा कि वह आज महाराष्ट्र के मंत्री के तौर पर शपथ नहीं लेंगे। अजित पवार ने यहां पार्टी प्रमुख शरद पवार के आवास पर राकांपा नेताओं की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा

उद्धव की शपथ आज!

शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को शपथ लेंगे। वे गुरुवार की शाम छह बज कर 40 मिनट पर शिवाजी पार्क में एक बड़े समारोह में शपथ लेंगे।

फड़नवीस को पार्टी में होगी मुश्किल!

महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी तो गंवा ही दी है साथ ही पांच साल सरकार चला कर जो साख बनाई थी वह भी गंवा दी है।

अजित पवार एनसीपी में ही रहेंगे

अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का उत्तराधिकारी माना जाता था। वे एनसीपी की अंदरूनी राजनीति में और मराठा राजनीति में भी बहुत ताकतवर थे। पर अब वे बिल्कुल हाशिए पर हैं। उन्होंने बगावत करके भी देख लिया।

शिव सेना ने किया जनादेश का अपमान: शाह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पूर्व सहयोगी शिव सेना पर निशाना साधा। उन्होंने बुधवार को कहा कि भाजपा ने नहीं, बल्कि शिव सेना ने जनादेश का अपमान किया। अ

एनसीपी में ही रहेंगे अजित पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने कहा है कि वह राकांपा में ही रहेंगे और इसे लेकर कोई दुविधा नहीं है।

महाराष्ट्र भाजपा में शुरू हुआ विवाद

मुंबई। मुख्यमंत्री पद से देवेंद्र फड़नवीस के इस्तीफे के एक दिन बाद ही पार्टी की प्रदेश ईकाई में विवाद शुरू हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से ने देवेंद्र फड़नवीस पर निशाना साधा और अजित पवार के समर्थन से सरकार बनाने की आलोचना की। खड़से ने बुधवार को कहा कि पार्टी को एनसीपी नेता अजित पवार का समर्थन नहीं लेना चाहिए था। खड़से के इस बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए फड़नवीस ने कहा कि वे सही समय आने पर ही अपना पक्ष रखेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से ने कहा- मेरी निजी राय यह है कि भाजपा को अजित दादा पवार का समर्थन नहीं लेना चाहिए था। वे बड़े सिंचाई घोटाले में आरोपी हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में तवज्जो न दिए जाने का आरोप लगाते हुए भी पार्टी नेतृत्व पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी को नुकसान हुआ। खडसे ने कहा कि अगर उनके जैसे नेताओं को अहमियत दी जाती, तो पार्टी विधानसभा चुनाव में 20 से 25 ज्यादा सीटें जीत सकती थी। तीन साल पहले 2016 में भ्रष्टाचार के आरोपों में इस्तीफा देने वाले पूर्व राजस्व मंत्री खड़से ने कहा- मुझे, चंद्रशेखर बावनकुले, विनोद तावड़े सहित कई नेताओं को राज्य के… Continue reading महाराष्ट्र भाजपा में शुरू हुआ विवाद

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